कोरोना महामारी का प्रभाव कम होने पर भले ही छठी से 12वीं कक्षा तक के स्कूल खुल चुके हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग स्कूली बच्चों को कोरोना से बचाव में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। यही कारण है कि विद्यार्थियों को कोरोना से बचाव के लिए हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद जिले के राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए बजट का 25 प्रतिशत हिस्सा जारी करने जा रहा है। प्रत्येक स्कूल को वर्ष 2019-20 के नामांकन के आधार पर ग्रांट मिलेगी। अभी स्कूलों को कोरोना बचाव को लेकर कुल ग्रांट में से 25 प्रतिशत राशि ही मिलने जा रही है। शेष 75 प्रतिशत ग्रांट परियोजना अनुमोदन बोर्ड के आदेश के बाद जारी की जाएगी।
समग्र शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल ग्रांट की राशि एसएमसी के बैंक खातों में जारी की गई है। विभाग द्वारा दी गई राशि का प्रयोग 31 मार्च 2022 तक किया जा सकेगा। इस ग्रांट की राशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र स्कूलों को बीईईओ कार्यालय में 10 मार्च 2022 तक जमा करवाना होगा। हर तरह के कार्य व खरीदारी स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों द्वारा ही की जाएगी। ग्रांट के उपयोग से हुए सभी कार्यों के लिए प्रबंधन समिति जिम्मेदार होगी। एसएमसी समिति का मुखिया यह सुनिश्चित करेगा कि वाटर सैनिटाइज कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए स्कूल में शौचालय, हाथ धोने की व्यवस्था व स्वच्छ पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। यदि स्कूल में थर्मल स्कैनर उपलब्ध नहीं है, तो मापक यंत्र 150 बच्चों की संख्या पर एक के अनुपात में, सैनिटाइजर, हाथ धोने के लिए साबुन और सफाई के लिए सामान खरीदा जाएगा।
स्कूलों को कोरोना से बचाने के लिए स्कूल परिसर की नियमित रूप से साफ-सफाई करनी होगी। इसके लिए सभी कमरों, बेंच, दरवाजों के हैंडल को सैनिटाइज करने का काम भी रोज करना होगा। सभी कमरों में ताजी हवा जा रही है या नहीं, यह सुनिश्चित करना होगा। राजकीय स्कूल में विद्यार्थियों के आने से पहले कमरों को सैनिटाइज करने का काम पूरा करना होगा। विद्यार्थियों व अध्यापकों के स्कूल में प्रवेश से पहले थर्मल स्क्रीनिंग द्वारा तापमान की जांच करनी होगी।