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Panipat News: छात्राध्यापिकाओं को लेकर स्कूल प्रिंसिंपल और कॉलेज के सहायक प्रोफेसर आमने-सामने

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मतलौडा। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मतलौडा में शिक्षण अभ्यास के लिए ड्यूटी पर आ रही छात्राध्यापिकाओं को लेकर स्कूल प्रिंसिपल और संबंधित कॉलेज के सहायक प्रोफेसर आमने-सामने हो गए। इसको लेकर स्कूल में जमकर हंगामा हुआ। प्रिंसिपल ने कॉलेज के सहायक प्रोफेसर पर बिना परमिशन स्कूल में आने और माहौल खराब करने का आरोप लगाया। वहीं कॉलेज के सहायक प्रोफेसर छात्राध्यापिकाओं को साथ लेकर शिक्षा अधिकारियों के पास पहुंच गए। उन्होंने प्रिंसिपल के खिलाफ शिक्षा मंत्री और अधिकारियों को भी शिकायत दी है।
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मामला सोमवार को बताया जा रहा है। सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन मतलौडा के सहायक प्रोफेसर रमेश कुमार ने बीईओ, डीईओ व शिक्षा मंत्री को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके कॉलेज की छह छात्राध्यापिकाएं शिक्षण अभ्यास के लिए राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मतलौडा में हैं। वे दो दिसंबर से ड्यूटी पर आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनको सूचना मिली कि स्कूल प्रिंसिपल छात्राध्यापिकाओं के साथ दुर्व्यवहार कर परेशान कर रही हैं। वह उक्त छात्राध्यापिकाओं की ड्यूटी का अवलोकन करने गया तो स्कूल प्रिंसिपल ने छात्राओं, स्टाफ सदस्यों और छात्राध्यापिकाओं के सामने ही उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू कर दिया। छात्राध्यापिकाओं ने भी आरोप लगाया कि प्रिंसिपल का उनके प्रति व्यवहार ठीक नहीं है।

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पहले बीईओ फिर डीईओ और शिक्षा मंत्री के पास गए
छात्राध्यापिका व सहायक प्रोफेसर रमेश कुमार ने पहले बीईओ मतलौडा कार्यालय में पहुंचे। उन्होंने यहां हंगामा किया और शिकायत दी। इसके बाद पानीपत में डीईओ व शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा को शिकायत दी। उन्होंने प्रिंसिपल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
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छात्राध्यापिकाओं की क्लास छुड़वा मैदान में की बैठक
राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रिंसिपल सुरेश कुमार ने कहा कि सरस्वती कॉलेज की छह छात्राध्यापिकाएं स्कूल में शिक्षण अभ्यास के लिए दो दिसंबर से आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज के सहायक प्रोफेसर रमेश कुमार सोमवार को स्कूल में आए और उनकी परमिशन के बिना उक्त सभी छह छात्राध्यापिकाओं को फोन कर क्लास छुड़वा कर बाहर मैदान में बुलाया। वे यहां बैठ कर उनसे बातें कर रहे थे। उन्होंने बाहरी व्यक्ति के बिना परमिशन के आने के बारे में पूछा तो सहायक प्रोफेसर तैश में आ गए। छात्राध्यापिकाओं की शिक्षण अभ्यास के दौरान स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसमें कॉलेज शिक्षक को स्कूल में जाकर उनके पढ़ाने के कार्य का अवलोकन करने की जरूरत नहीं होती।




वर्जन :
वे मंगलवार को किसी कार्य के चलते कार्यालय से बाहर थे। उनको कार्यालय के कर्मचारियों से सरस्वती कॉलेज ऑफ एजुकेशन के सहायक प्रोफेसर रमेश कुमार और छात्राध्यापिकाओं के शिकायत देने की जानकारी लगी है। वे बुधवार को कार्यालय में जाकर इसकी जांच करेंगे। इसमें दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
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मनीष गुप्ता, खंड शिक्षा अधिकारी मतलौडा।
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