फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: एचएसवीपी में फिर गूंजा सैकड़ों करोड़ का घोटाला, सरकारी जमीन बेचने का आरोप

विज्ञापन
विज्ञापन
पानीपत। भू माफिया, तहसील कार्यालय और हरियाणा राज्य शहरी विकास प्राधिकरण ने अधिकारियों की मिलीभगत से सैकड़ों करोड़ की सरकारी भूमि कम दामों में बेचकर भारी घोटाला कर दिया। नियम कानूनों को ताक पर रखकर अधिकारियों ने यह जमीन रेनू, सुरेंद्र, सुषमा, शोभा, रविंद्र, संजीव आदि के नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवा दी। इससे पहले भी एचएसवीपी के अधिकारियों पर सरकार की भूमि को कौड़ियों के भाव बेचने के आरोप लगे हैं। कई मामलों की जांच चल रही है। अब आरोप है कि अधिकारियों ने सेक्टर छह में गलत तरीके से चार हजार गज भूमि बेच दी। यहां 400 करोड़ का घोटाला किया गया है। इस संबंध में पूर्व पार्षद एवं जन आवाज सोसायटी के प्रधान जाेगिंद्र स्वामी ने एचएसवीपी कार्यालय में रोष प्रदर्शन कर संपदा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। संपदा अधिकारी ने कहा कि वे मामले की जांच के बाद आगामी कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
विज्ञापन

जोगिंद्र स्वामी ने बताया कि गत 15 जून को भूमि अर्जन अधिकारी से मांगी गई आरटीआई के जवाब में स्पष्ट है कि सेक्टर छह जीटी रोड पर खसरा नंबर 720 के अंदर केवल 12 बिस्वा भूमि ही अनर्जित है। इसके अलावा बाकी कोई जमीन किसी को अनर्जित नहीं है। इसे लेकर 27 मई 2022 को भूमि अर्जन अधिकारी रोहतक की ओर से तहसीलदार पानीपत को पत्र लिखकर स्पष्ट रूप से हिदायत दी गई थी कि खसरा नंबर 720 में केवल 12 बिस्वा भूमि ही अनर्जित है। इसमें रिलीज संबंधी कोई पत्र अगर तहसील कार्यालय में पहुंचा हो तो उसे निरस्त समझा जाए और इस खसरे में कोई इंतकाल हुए हों तो उन्हें भी खारिज किया जाए।
इसकी रिपोर्ट रोजनामचा और जमाबंदी में दर्ज कराई गई, लेकिन इसके बावजूद भूमाफिया से मिलीभगत कर तहसीलदार, पटवारी, एचएसवीपी विभाग के अधिकारियों ने करीब चार हजार गज जमीन बेच दी। उन्होंने पानीपत और पंचकूला के फर्जी पत्र समेत एक कोर्ट केस के निर्णय का हवाला देते हुए सबूत दिखाए, जिसमें केवल वीरेश मोहन की 12 बिस्वा भूमि संबंधी फैसला था। इसी के हवाले से सरकार की हजारों गज जमीन को हड़प लिया गया।
विज्ञापन

उन्होंने फर्जी रजिस्ट्री घोटाले में धोखाधड़ी जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सरकारी भूमि की रजिस्टरी करवाने वालों के साथ पटवारी, कानूनगो और तहसीलदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने और जिला राजस्व अधिकारी द्वारा जारी पत्र की भी जांच करवाने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि अगर एक सप्ताह में इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे अगले मंगवार को डीसी कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद तीन जुलाई को मुख्य प्रशासक के कार्यालय पर धरना देंगे।
इस मौके पर रणजीत भोला, डीपी ग्रोवर, सरदार कवलजीत सिंह, ईश्वर बैरागी, सोनू पंडित, प्रतीक यादव, कुलदीप शर्मा, नरेंद्र बैरागी, अमित श्रीवास्तव, बलराम कौशिक, जगदीश कालड़ा, परमजीत कुंडू, विनोद कुमार, वीरेंद्र शर्मा, रवि भोरिया, सरदार बलबीर सिंह, कुणाल कपूर मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
विज्ञापन

मामला संज्ञान में आया है। जोगिंद्र स्वामी ने कुछ दस्तावेज और शिकायत दी है। इसकी जांच पड़ताल की जाएगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।



- विजय राठी, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें