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Panipat News: अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद्र से होगी सौदापुर की पहचान

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पानीपत। पानीपत का नाम जुबान पर आते ही मुगल साम्राज्य के क्रूर शासकों और हमारे वीर सपूतों के संघर्ष की गाथा मानस पटल पर तैरने लगती है। इन्हीं में से एक थे अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) जिनके गौरवशाली अतीत से आने वाली पीढ़ियां परिचित हो सकेंगी। जाटल रोड स्थित सौदापुर गांव की पहचान अब अंतिम हिंदू सम्राट हेमचंद विक्रमादित्य (हेमू) से होगी। पानीपत के द्वितीय युद्ध में हेमचंद्र अकबर की सेना से लड़ते हुए सौदापुर गांव में वीरगति को प्राप्त हुए थे। यहां पर एक स्मारक भी बना है। अब प्रशासन सौदापुर गांव के तालाब की जगह अमृत सरोवर बनाएगा। यहां पर हेमचंद्र विक्रमादित्य की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि सौदापुर गांव में हेमचंद्र की बहादुरी की गाथा से जुड़े शिलालेख स्थापित किए जाएंगे। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए सौदापुर ग्राम पंचायत से सहयोग मांगा है। जल्द प्रशासन व ग्राम पंचायत के बीच इस बावत बैठक होनी है। इसके बाद इस परियोजना की रूपरेखा तैयार की जाएगी। गौरतलब है कि हिंदू समाज के लोगों की हमेशा से शिकायतें रही हैं कि अंतिम हिंदू सम्राट हेमू की गाथा लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकारों ने कदम नहीं उठाए। यही कारण है कि पानीपत युद्ध के दशकों बाद भी यहां के अधिकांश लोगों को हेमू की बहादुरी की गाथा के बारे में पता तक नहीं है। वहीं दूसरे सम्राटों को हमेशा प्राथमिकता दी गई। अकबर की सेना से लड़ते हुए सौदापुर गांव में हेमचंद्र वीरगति को प्राप्त हुए थे। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अब मौजूदा प्रशासन ने इसकी पहल की है।
आंख में लगा था तीर ः पांच नवंबर 1556 को पानीपत के ऐतिहासिक युद्धक्षेत्र में हेमचंद्र विक्रमादित्य (हेमू) की सेना का मुकाबला मुगल सेना से हुआ था। अकबर और बैरम खान युद्ध के मैदान से आठ मील दूर पीछे ही रहे। हेमू ने पानीपत में मुगलों पर हमला शुरू किया और मुगलों के दाएं और बाएं विंग के बीच अपने हाथियों को छोड़ दिया। मुगल सेना इस लड़ाई में पिछड़ रही थी। इसी वक्त हेमू ने बीच में लड़ रही मुगल सेना को कुचलने के लिए हाथियों और घुड़सवार सेना की टुकड़ी आगे कर दी। हेमू इसका खुद नेतृत्व कर रहा था। वह जीतने ही वाला था कि मुगल सेना की ओर से किसी ने एक तीर हेमू की ओर चलाया और यह तीर सीधा हेमू की आंख में जाकर लगा। हाथी के हौदे पर बैठा हेमू वहीं बेहोश हो गया। हाथी पर हेमू को न देखकर उसके सैनिकों का मनोबल टूट गया। हेमू की सेना में भगदड़ मच गई। इसके बाद हेमचंद्र के शव को अकबर के दरबार ले जाया गया। जहां अकबर के कहने पर हेमचंद्र विक्रमादित्य का सिर काट दिया गया और दिल्ली के गेट पर लटकाया गया। सौदापुर गांव में हेमचंद्र की प्रतिमा स्थापित होगी ःउपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बताया कि सौदापुर गांव में हेमचंद्र विक्रमादित्य की प्रतिमा स्थापित होगी। यहां पर एक अमृत सरोवर बनाया जाएगा। यहां पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। इसके लिए ग्राम पंचायत से सहयोग मांगा गया है।
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