समालखा। मनाना गांव में बारिश के पानी की निकासी न होने गांव की महिलाओं ने सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया है। उनके साथ गांव सरपंच रेखा भी साथ रही। उन्होंने पूर्व सरपंच पर निर्माण कार्य रोकने और अधिकारियों पर अनदेखी बरतने का आरोप लगाया। गांव में दो दिन पहले तेज बारिश का पानी घरों में घुस गया था।
महिला गीता, शीला, बबली, पूनम, कमलेश, संतोष, सुमित्रा, रीना, जसवंती, कृष्णा ने बताया कि मनाना गांव बिजली के ट्रांसफार्मर से लेकर फिरनी तक पानी की निकासी के लिए 1995 में पक्का किया गया। नाले को करीब तीन महीने पहले अप्रैल में पुन: निर्माण कार्य शुरू किया गया था, लेकिन गांव के पूर्व सरपंच भीम सिंह ने मिट्टी के कट्टे आदि डालकर नाले का निर्माण कार्य रुकवा दिया है। जिससे गंदे पानी की निकासी रुक गई है। शनिवार को हुई बारिश में तीस से अधिक मकानों में दो दो फुट गंदा पानी घुस गया। जिससे ग्रामीणों का तूड़ा, गेहूं, सोफे, खाट, कपड़े व काफी सामान खराब हो गया। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। दूसरा नाले का निर्माण कार्य अधर में लटकने से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मानसून की शुरुआत हो चुकी है और नाला नहीं बनने से उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। मक्खी, मच्छरों और बारिश के कारण गंदे पानी के जलभराव होने से बीमारियों के फैलने का भय बना हुआ है।
इसके बाद बीडीपीओ नीतिन कुमार ने महिलाओं के साथ गांव में जाकर मौका निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने सभी घरों को जिस जलभराव हुआ था दिखाया। बीडीपीओ ने उन्हें आश्वासन दिया कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त कराकर और पुलिस बल की मौजूदगी में नाला खुलवाने के साथ ही निर्माण कार्य कराया जाएगा।