पानीपत। पौष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी सोमवार 15 दिसंबर को मनाई जाएगी। इसे सफला एकादशी भी कहा जाता है। इस दिन विष्णु भगवान का उपवास कर पूजा की जाती है। विष्णु भगवान के प्रसन्न होने पर व्रतधारी को कार्यों में सफलता मिलती है और उसकी मनोकामना पूरी होती है। इस दिन फल दान का विशेष महत्व है। ऐसा करने से व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है और कार्य में पदोन्नति होती है।
पंडित परवीन शास्त्री ने बताया कि सफला एकादशी सोमवार को मनाई जाएगी। यह रविवार को शाम 06:55 से शुरू होकर सोमवार को रात 09:15 तक रहेगी। उदयातिथिनुसार एकादशी का व्रत सोमवार को किया जाएगा। सोमवार को पूरा दिन एकादशी रहेगी। मंगलवार को सुबह 07:07 से 09:11 बजे तक व्रत का पारण किया जाएगा। सफला एकादशी पर विष्णु भगवान की पूजा व उपवास किया जाता है। विष्णु भगवान के प्रसन्न होने पर व्यक्ति को कार्यों में सफलता प्राप्त होती है। व्रतधारी की मनोकामना पूरी होती है। इस दिन सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर विष्णु भगवान की कथा व पूजा कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए, पूरा दिन व्रत रखकर शाम को पूजा कर विष्णु भगवान और माता लक्ष्मी की आरती करनी चाहिए। दिन में अपनी श्रद्धा के अनुसार फल आदि का दान करना चाहिए। अगले दिन व्रत का पारण करना चाहिए।
फल दान का विशेष महत्व
सफला एकादशी पर फल दान का विशेष महत्व है। इस दिन सबसे पहले विष्णु भगवान को फल चढ़ाने चाहिए उसके बाद अपने आसपास या जरूरतमंदों को फल दान करने चाहिए। फल दान करने से व्यक्ति में आत्मविश्वास बढ़ता है, मनोकामना पूरी होती है और कार्य में पदोन्नति मिलती है। इसलिए सफला एकादाशी पर अपनी श्रद्धानुसार फल अवश्य दान करना चाहिए।