माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। सरकार की सख्त चेतावनी और ड्यूटी पर लौटने के अल्टीमेटम के बावजूद नगर निगम के करीब 500 सफाई कर्मचारी और दमकल विभाग के 96 कर्मचारी शनिवार को भी काम पर नहीं लौटे। मियाद खत्म होने के बाद कर्मचारियों ने पालिका बाजार में प्रदर्शन किया और बाइक जुलूस निकालकर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा के एल्डिको स्थित आवास पहुंचे। यहां उनके निजी सचिव राजपाल को मुख्यमंत्री और सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।
शनिवार को राज्यस्तरीय पदाधिकारी भी पानीपत पहुंचे। पालिका बाजार में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए फायर ब्रिगेड एसोसिएशन के राज्य प्रधान रमेश पहल, सफाई कर्मचारी यूनियन के वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तुषामड़ और ऑडिटर संजीव खत्री ने कहा कि कर्मचारी कोई अनुचित मांग नहीं कर रहे हैं। सरकार पहले इन मांगों पर सहमति जता चुकी है, लेकिन उन्हें लागू करने के बजाय निलंबन और सेवा समाप्ति का दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मांगें पूरी होने तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे।
निगम इकाई के प्रधान नरेश कुमार अठवाल और सचिव राजन ने बताया कि कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए बाइक जुलूस निकाला और शिक्षा मंत्री के आवास पर ज्ञापन सौंपा।
एस्मा लागू, कल से हो सकती है कार्रवाई
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने पत्र जारी कर स्पष्ट किया था कि सफाई कार्य हरियाणा आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम-1974 (एस्मा) के तहत अति आवश्यक सेवा में आता है। अनधिकृत हड़ताल को एस्मा का उल्लंघन मानते हुए कर्मचारियों को पांच सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए थे। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई थी कि तय समय तक काम पर नहीं लौटने पर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
300 टन कूड़ा जमा, सफाई व्यवस्था चरमराई
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित है। सड़कों, चौराहों और कॉलोनियों में कचरा जमा है। शहर में करीब 300 टन कूड़ा पड़ा होने से दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। सीवर ओवरफ्लो होने से स्थिति और खराब हो गई है। शहरवासियों रमेश और दीपक ने प्रशासन से कर्मचारियों से वार्ता कर हड़ताल खत्म कराने और वैकल्पिक व्यवस्था से सफाई कराने की मांग की है।
मौखिक रूप से ड्यूटी जॉइन करने का संदेश दिया
नगर निगम की ओर से लिखित नोटिस के बाद शनिवार को भी यूनियन पदाधिकारियों को मौखिक रूप से ड्यूटी जॉइन करने का संदेश दिया गया। निगम के डीएमसी अरुण ने बताया कि रविवार को कर्मचारियों को दोबारा काम पर लौटने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। इसके बावजूद ड्यूटी जॉइन नहीं करने पर सोमवार से नियमानुसार निलंबन और सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू की जाएगी।