समालखा। समालखा बचाओ संघर्ष मोर्चा ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को एसडीएम की मार्फत ज्ञापन देकर समालखा नगरपालिका को भंग कर नगर परिषद बनाने की मांग की है। इसके साथ सभी 22 अवैध काॅलोनियों को वैध करने की मांग उठाई है। संघर्ष मोर्चा ने मांग पूरी न होने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी भी दी है।
संघर्ष मोर्चा संयोजक एवं आरटीआई कार्यकर्ता कामरेड पीपी कपूर की अगुवाई में मोर्चा प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम अमित कुमार को सीएम के नाम लिखित मांग पत्र भी सौंपा है। पीपी कपूर ने बताया कि अब पालिका सीमा विस्तार होने से समालखा की आबादी बढ़ कर 65000 से ज्यादा हो चुकी है। जबकि 50,000 की आबादी होने पर नगरपालिका भंग करके नगर परिषद बनाए जाने का नियम है । गौरतलब है कि 26 नवंबर 2023 को नई अनाज मंडी समालखा की रैली में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी नगरपालिका को नगर परिषद बनाने की सीएम घोषणा कर चुके हैं। कपूर ने बताया कि हरियाणा सरकार ने 12 फरवरी को डीसी व पालिका सचिव को पत्र भेज कर नगर परिषद बनाने के लिए पालिका हाउस का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये थे, लेकिन नगरपालिका ने यह जरूरी प्रस्ताव चार महीने बीत जाने पर भी नहीं भेजा। पालिका प्रस्ताव जाते ही यहां नगर परिषद बन जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि नगरपालिका शहर की अवैध काॅलोनियों को वैध कराने का केस भी सरकार को नहीं भेज रही। जिसका खामियाजा इन कॉलोनियों की जनता बुरी तरह भुगत रही है। इस मौके पर एडवोकेट दयानंद पंवार, अनिल पांचाल, विजेंद्र धीमान, एडवोकेट अरविंद कुमारी, एडवोकेट विनय, एडवोकेट संजय सरोहा, मास्टर सतबीर, मुंशी प्रेम चंद व सुमित गाहल्याण मौजूद रहे ।
शहर की नई वार्ड बंदी होगी, पालिका सीमा वृद्धि के बाद नगरपालिका में शामिल हुई करीब 22 काॅलोनियों के वासी पालिका चुनावों में वोट डाल कर अपने नगर पार्षद चुन सकेंगे। विकास कार्यों के लिए सरकार से ज्यादा ग्रांट राशि मिलेगी, सफाई कर्मियों की संख्या बढ़ेगी, नगर परिषद कार्यालय में कर्मचारियों की वृद्धि होगी,पालिका सचिव की जगह कार्यकारी अधिकारी (ईओ) व उप पालिका आयुक्त जैसे सक्षम अधिकारी नियुक्त होंगे। अविकसित कॉलोनियों में पेयजल, सीवर लाइन, सफाई व्यवस्था, पक्की सड़कों, नालियों जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी।