पानीपत। सेक्टर 29 पार्ट- 2 स्थित फैक्ट्री के खंभे पर फाल्ट ठीक करते समय करंट लगने से कर्मचारी प्रवीण की मौत के मामले को लेकर निगम अधिकारी और कर्मचारी शनिवार को खुलकर आमने सामने आ गए हैं। इस मामले को लेकर सनौली रोड सब डिवीजन एसडीओ अंजली शर्मा ने सेक्टर 29 पार्ट-1 और पार्ट-2 के शिकायत केंद्र के सभी कर्मचारियों को शनिवार को बैठक के लिए बुलाया और कहा कि वे सभी लिखकर दें कि बिना परमिट काम नहीं करते। उन पर कभी किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं बनाया जाता। इससे कर्मचारी स्तब्ध रह गए।
गौरतलब है कि इसकी सूचना मिलते ही सनौली रोड सब यूनिट के प्रधान जितेंद्र वर्मा उसी समय एसडीओ के कार्यालय में पहुंच गए और उन्होंने एसडीओ के इस कदम पर नाराजगी जताई। उन्होंने एसडीओ से कहा कि फील्ड के तकनीकी कर्मचारी कार्यालयों में मुंशी बने बैठे हैं। जिनको फील्ड में आज तक नहीं भेजा गया। जिससे कर्मचारियों को अधिकारियों के मौखिक आदेशों पर भी शिकायतों का समाधान करना पड़ता है। कर्मचारियों से ऐसा हलफनामा लिखवाया जा रहा है। जिससे ये कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर खंभों पर चढ़ने के बाद खुद ही कसूरवार साबित हो जाएंगे। इस मुद्दे को लेकर एसडीओ कार्यालय में सब यूनिट प्रधान और एसडीओ के बीच तीखी गहमा गहमी भी हुई।
सब यूनिट प्रधान का ये रवैया एसडीओ को नागवार गुजरा। एसडीओ ने यूनिट प्रधान जितेंद्र वर्मा के खिलाफ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांग लिया। जब एसडीओ शनिवार रूटीन के काम को लेकर कर्मचारियों के साथ बैठक कर रही थीं तो वे बिना अनुमति के एसडीओ कार्यालय में कैसे आ गए। इससे कार्यालय के काम में बाधा उत्पन्न हुई है। ऐसे में आपके खिलाफ अनुशानात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सब यूनिट प्रधान को सोमवार शाम पौने चार बजे तक अपनी जवाबदेही देने के लिए लिखा गया है। साथ चेतावनी दी गई है कि अगर जवाब नहीं मिला तो समझा जाएगा कि उनको कार्रवाई पर कुछ नहीं बोलना है।
उक्त मुद्दे को लेकर दिन भर हंगामा इतना बढ़ता गया कि सब यूनिट प्रधान ने ये सभी बातें बिजली निगम यूनियन पदाधिकारियों के सामने रखी। जिस पर सभी ने एसडीओ के इस व्यवहार और कार्यप्रणाली को तानाशाही करार दिया और फैसला लिया कि अब निगम कर्मी एसडीओ के खिलाफ सोमवार से धरना प्रदर्शन शुरू करेंगे। विदित है कि गत दिनों सेक्टर-29 स्थित एक फैक्ट्री का फाल्ट ठीक करते समय करंट लगने से प्रवीण की मौत हो गई थी।
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कर्मचारी से बदलवाए बयान तो एक्सईएन को दी शिकायत
करंट लगने से मरने वाले कर्मचारी के मामले में एसडीओ ने निगम कर्मियों को उनकी खुद की स्टेटमेंट लेने के आदेश दिए गए। जिस पर एक कर्मचारी ने अपनी स्टेटमेंट में लिखा कि कई बार मौखिक आदेशों पर भी बिजली के फॉल्ट ठीक किए जाते हैं। कर्मचारी की इस स्टेटमेंट को नकारते हुए कर्मचारी के बयान बदलवा दिए गए। इससे खफा कर्मचारी एक्सईएन सिटी के सामने पेश हो गया और उन्हें पूरी कहानी बताई। एक्सईएन सिटी ने अधिकारियों को आदेश दिए कि कर्मचारी जो बयान देना चाहे वही दर्ज कराएं। जिससे ये पूरा मामला अब तूल पकड़ चुका है।
वर्जन:
ये कार्यालय की कार्रवाई है। जो कार्यालयों के नियमों के दायरे में ही की जा रही है।
अंजलि शर्मा, एसडीओ, सनौली रोड सब डिवीजन।