देवी मंदिर में कलश यात्रा निकालती महिलाएं। संवाद
पानीपत। प्राचीन सिद्ध श्री देवी मंदिर में सोमवार को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया। इसमें महिलाओं ने कलश धारण कर ढाल की थाप पर नाचते गाते कलश यात्रा निकाली। इससे मंदिर परिसर में सनातन संस्कृति की गूंज सुनाई दी। कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोमनाथ मंदिर और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कुरुक्षेत्र से लाइव कार्यक्रम दिखाया गया।
मुख्यातिथि शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के भाई हरपाल ढांडा और मेयर कोमल सैनी रहीं। हरपाल ढांडा ने कहा कि सोमनाथ मंदिर केवल पत्थरों से बना एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि देश की आत्मा, सनातन संस्कृति की अडिग शक्ति और हिंदू समाज के स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है।
मेयर कोमल सैनी ने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं, बल्कि जीवन जीने की पवित्र संस्कृति है। यह हमें सत्य, सेवा और संस्कारों का मार्ग दिखाता है। सोमनाथ जैसा तीर्थ हमारे गौरवशाली इतिहास और अटूट विश्वास का प्रतीक है। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भगवान शिव की अनंत आस्था, भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत और देश की आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर अनेक बार आक्रमण कर लूटने और मिटाने का प्रयास किया, लेकिन आस्था की शक्ति कभी समाप्त नहीं हुई। यह मंदिर आज भी सनातन धर्म की अमरता और देश की आध्यात्मिक शक्ति का जीवंत प्रमाण है। महामंडलेश्वर स्वामी अरुण दास महाराज ने कहा कि जब-जब धर्म और संस्कृति पर संकट आया, तब-तब सनातन ने पुनर्जागरण का मार्ग दिखाया। हमें अपने धर्म, संस्कार और परंपराओं को आत्मगौरव के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का लाइव संबोधन भी सुना। इस मौके पर एडीसी अंकित चौकसे, एसडीएम मनदीप कुमार, मार्केट कमेटी चेयरमैन अवतार शास्त्री, सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा व वेद परासर उपस्थित रहे।