समालखा। समालखा नगर पालिका का वर्ष 2024-25 का वार्षिक बजट ध्वनि मत से पारित किया गया। जिस पर चेयरमैन अशोक कुच्छल ने सभी पार्षदों का आभार जताया।
चेयरमैन अशोक कुच्छल ने बताया कि यह बजट 31 जनवरी 2024 को आधार बनाकर पेश किया गया। उन्होंने बताया कि पालिका का क्लोजिंग बैलेंस 4 करोड़ 29 लाख है। अगले वित्तीय वर्ष के लिए 16.08 करोड़ का अनुमानित बजट रखा गया है। जिसमें से कुल 7.40 करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च किए जाने हैं।
उन्होंने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष में नगर पालिका की अनुमानित आय 5.50 करोड़ है जिसमें से विकास कार्यों पर 3.73 करोड़ खर्च किए जाएंगे। 10.58 करोड़ रुपये प्रदेश सरकार की तरफ से अनुदान आने की संभावना है। जिसमें से 3.70 करोड़ शहर में विकास कार्य पर खर्च किए जाएंगे। 2.70 करोड़ रुपये शहर की साफ सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जाने का अनुमान है।
बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे पालिका कार्यालय में चेयरमैन अशोक कुच्छल की अध्यक्षता में बजट बैठक शुरू हुई। 17 सदस्यीय पालिका के 16 पार्षद बैठक में उपस्थित रहे। इससे पहले पालिका सचिव मुकेश कुमार ने बजट प्रस्तुत किया। जिस पर वार्ड 16 के पार्षद राजेश ठाकुर ने अनुमोदन किया और बाकि सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति व ध्वनिमत से बजट पारित कर दिया। पार्षद पीयूष गोयल, मनीष बैनीवाल, हरिओम शर्मा ने अपने वार्ड में विकास कार्य शुरू नहीं होने और वार्ड 11 से पार्षद नीतू छाबड़ा के प्रतिनिधि विपिन छाबड़ा ने सीएम अनाउंसमेंट में पंजाबी धर्मशाला के निर्माण को लेकर सवाल उठाया तो अधिकारियों ने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि आज की बैठक सिर्फ बजट के लिए रखी है विकास कार्यों पर चर्चा बाद में करेंगे।
वहीं चेयरमैन के आग्रह पर पालिका अभियंता राजकुमार ने बताया कि पालिका द्वारा अभी तक कुल 5.38 करोड़ रुपये की लागत से 40 विकास कार्यों के टेंडर लगाए गए हैं। जिसमें से 10 कार्यों के टेंडर प्रक्रिया पूरी करके वर्क आर्डर जारी किए जा चुके हैं। जिसमें सड़कें, गलियां, नाली व चौपाल शामिल हैं। इसके अलावा लाइटों की रिपेयरिंग का काम भी शुरू हो गया है। सीएम घोषणा के कार्यों में 76 लाख रुपये से वार्ड नंबर के पुराने कम्युनिटी सेंटर का जीर्णोद्धार किया जाना है जिसकी टेंडर प्रक्रिया तकनीकी विभाग के पास है। पालिका अभियंता ने विकास कार्य शुरू नहीं हो पाने का कारण बताते हुए कहा कि 40 विकास कार्यों में से 10 काम ऐसे हैं जिनके चार बार टेंडर लगाए गए हैं क्योंकि वर्क आर्डर देने से पहले ठेकेदार की परफोर्मेंस गारंटी ली जाती है।