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Panipat News: रोडवेज का चक्का जाम, बेबस दिखे यात्री

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पानीपत। हरियाणा रोडवेज के साझा मोर्चा ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रख चक्का जाम किया। रोडवेज यूनियन के हड़ताल पर जाने से यात्रियों की परेशानी बढ़ गई। पूरा दिन लोकल और लंबी दूसरी रूटों पर बस अपेक्षाकृत नहीं मिली। सबसे खराब स्थिति लोकल रूटों के यात्रियों की रही। इनको प्राइवेट वाहनों का सहारा लेना पड़ा। यूनियन ने हड़ताल को सौ प्रतिशत सफल बताया है। वहीं डिपो अधिकारियों ने करीब 70 बसों को चलाने का दावा किया है।
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हरियाणा रोडवेज कर्मचारी सांझा मोर्चा ने अपनी लंबित मांगों को पूरा करवाने के लिए बुधवार को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की है। इसके लिए मोर्चा पदाधिकारियों ने पानीपत पुराने बस अड्डे पर बुधवार को अल सुबह ही धरना शुरू कर दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। जिससे सुबह के समय कई रूटों पर जाने वाली बस सेवा प्रभावित रही। सर्दी के मौसम में अपने गंतव्य को जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी उठाई। रोडवेज अधिकारियों ने बस चलवाने का प्रयास किया। इसको लेकर यूनियन नेता और अधिकारी आमने-सामने भी रहे। हड़ताल की अगुवाई डिपो प्रधान अनिल कुंडू, चरण सिंह, सुनील चौहान, बलराम व रामनिवास रावल और संचालन डिपो सचिव राकेश शर्मा ने किया।
राज्य कमेटी के नेता कृष्ण नौहरा व रोडवेज राज्य सचिव सुल्तान मलिक ने कहा कि कर्मचारियों की लंबे समय से मांगे लंबित पड़ी हैं। जिस पर सरकार गंभीर नहीं है। कई दौर की बातचीत के बाद भी कर्मचारियों की मांगो का हल नहीं हो रहा है, जबकि रोडवेज का कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी कर रहे हैं। परिचालक के वेतनमान में लंबे समय से बढ़ोतरी नहीं की गई है तो वहीं चालक को लाइट व्हीकल का ग्रेड पे दिया जा रहा है, जबकी रोडवेज चालक हैवी व्हीकल चालक की श्रेणी में आता है। जिस कारण वेतन विसंगतियां उत्पन्न हो गई हैं, जिन्हें सरकार ठीक करने से परहेज किए हुए है। प्रदेश की जनसंख्या के अनुसार आज भी रोडवेज में 14 हजार बसों की जरूरत है। जिसमें सरकार सरकारी गाड़ी न लाकर तरह-तरह की पॉलिसी बनाकर विभाग में प्राइवेट गाड़ियां लाने का काम कर रही है। कर्मचारियों के वित्तीय लाभ को खत्म किया जा रहा है। सरकार का यही रवैया रहा तो आने वाले समय में विभाग खत्म हो जाएगा और प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को रोजगार के लाले पड़ जाएंगे। इसके अतिरिक्त जनता को मिलने वाली सरकारी सुविधा समय पर नहीं मिल पाएगी। हड़ताल को पटवारी कानूनगो संगठन के जिला प्रधान मुकेश पटवारी, सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेश महासचिव नरेश कुमार ओर रोडवेज यूनियन के प्रदेश महासचिव सुमेर सिवाच, रोडवेज नेता जगदीप लाठर, कामरेड नेता पवन सैनी, किसान सभा से राजपाल गाल्हाण, दिलावर राठी, पेंशन बहाली संघर्ष समिति के जिला प्रधान विजय कुमार शर्मा आदि नेताओं ने रोडवेज कर्मचारियों को संबोधित कर हड़ताल का समर्थन किया।
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रोडवेज कर्मचारियों की मुख्य मांगें

अवकाश कटौती पर तुरंत रोक लगाना।

2016 में भर्ती चालकों को पक्का करना।

1992 से 2002 तक भर्ती सभी कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से पक्का करना।

विभाग में खाली पड़े पदों पर स्थाई भर्ती कर बेरोजगारों को स्थाई रोजगार उपलब्ध कराना।

परिचालक के वेतन में विसंगति को दूर करना।

चालक को हैवी व्हीकल का ग्रेड पे देना।

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दिन भर रहे यात्री परेशान

सुबह से ही नए बस अड्डे पर बसें न चलने के कारण यात्री परेशान रहे। हालांकि पानीपत से समालखा और पुराने बस अड्डे के लिए मिनी बसें चलती रहीं। पुराने बस अड्डे पर काफी संख्या में यात्री बसों का इंतजार में यात्री खड़े रहे। रोहतक जाने वाले एक यात्री कंवरपाल ने बताया कि उन्हें रोहतक जाना था लेकिन यहां से कोई साधन नहीं मिल रहा है। नए बस अड्डे से भी बसें बंद हैं। प्राइवेट टैक्सी चालक ज्यादा किराया मांग रहे हैं। वहीं दिल्ली जाने वाले यात्री सुमेश कुमार ने बताया कि उन्हें दो घंटे से ज्यादा वक्त हो गया है। अभी तक कोई साधन नहीं मिल पाया है। हड़ताल के चलते आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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रोडवेज का करीब 11 लाख की क्षति

बसें न चलने के कारण एक ओर जहां यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है वहीं पर डिपो को भी करीब 11 लाख का नुकसान उठाना पड़ा है। रोडवेज के जीएम के अनुसार डिपो से बसें चलने से करीब 14 लाख की आमदनी होती है। 15 मिनी बसों को छोटे रूटों पर भी चलाया गया है। रोडवेज डिपो के टीआई हरबीर मान ने बताया कि पूरा दिन में डिपो से करीब 70 बसों को रवाना किया गया। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी गई।
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