पानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत की सड़कों पर हादसे लगातार जारी हैं। आए दिन सड़क हादसों में हो रही मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। वर्ष 2025 में अब तक जिले में सड़क हादसों में हुई मौतों की संख्या ने पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। वर्ष 2023 में जिले में 282 व्यक्तियों की सड़क हादसों में मौत हुई थी।
वहीं, 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 308 तक पहुंच गया था। लेकिन, इस वर्ष मात्र साढ़े पांच माह में ही जिले में 160 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि 65 फीसदी से ज्यादा सड़क हादसों का कारण तेज रफ्तार रहा है। पानीपत जिले में जीटी रोड के अलावा रोहतक हाइवे व हरिद्वार-पानीपत हाईवे गुजर रहा है।
हाइवे पर वाहन चालक फर्राटा भर रहे हैं। जिससे जिले में सड़क हादसों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। एक जनवरी से मई 2025 तक पुलिस के रिकॉर्ड में 253 सड़क हादसे दर्ज किए थे। जिनमें 164 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वहीं, 149 मौत हो गई थी। 20 जून तक यह आंकड़ा बढ़कर 160 के करीब पहुंच गया है।
वर्ष 2023 की बात करें तो जिले में 516 सड़क हादसे हुए थे। जिसमें 282 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 317 घायल हुए थे। वर्ष 2024 में जिले में सड़क हादसों की संख्या 570 तक पहुंच गई थी। जिसमें 308 व्यक्तियों की मौत हुई थी। वहीं, 315 घायल हुए थे।
दुपहिया वाहन चालक हो रहे ज्यादा शिकार : पुलिस अधिकारियों का दावा है कि हादसों में 60 प्रतिशत से ज्यादा मौत दुपहिया वाहन चालकों की होती है। जिसमें सबसे बड़ा कारण सिर में चोट लगना होता है।