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तरुण सागर बोले : मुख्यमंत्री आरक्षण समाप्त करना चाहते हैं, लेकिन बोलेंगे नहीं

Thu, 28 Apr 2016 12:25 AM IST
panipat
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आरक्षण समाप्त - फोटो : amar ujala
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 क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुण सागर महाराज के कड़वे प्रवचन में कहा कि आजादी के बाद देश के युवाओं को आरक्षण के नाम की बेड़ियां पहना दी गई। आज 90 फीसदी अंक पाने वाला चपरासी और 40 फीसदी अंक पाने वाला अधिकारी बना हुआ है। इस तरह से देश का भविष्य नहीं बन सकता। आरक्षण की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। श्री दिगंबर जैन पंचायत के तत्वावधान में शिवाजी स्टेडियम में बुधवार को राष्ट्रसंत मुनिश्री तरुण सागर महाराज ने कड़वे प्रवचनों में आरक्षण व्यवस्था पर जमकर कटाक्ष किया।

उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर इशारा करते हुए कहा कि आरक्षण समाप्त करने को लेकर खट्टर जी सहमत हैं, लेकिन बोलेंगे नहीं। उनको वोट चाहिए। संत वोट नहीं खोट मांगने आते हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर देना चाहिए या फिर किसी अपंग, अनाथ या फिर सीमाओं पर शहीद होने वाले वीर जवानों के बच्चे को मिलना चाहिए। उन्हाेंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि समारोह में आए हुए लोग लाए हुए नहीं हैं, बल्कि खुद आए हैं।
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नेताओं की सभा में आना फ्री, जाना फ्री, खाना फ्री और शाम को नाइटी भी फ्री। इससे पूर्व मुख्यातिथि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भगवान महावीर के चित्र के आगे दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।


मुख्यमंत्री बोले : सच कड़वा होता है
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि सच कड़वा होता है। उसे सुनना बहुत ही मुश्किल होता है। लोगों को सच सुनने की आदत डालनी चाहिए।

मुनिश्री तरुण सागर पूरे समाज के लिए उत्प्रेरक हैं। लोगों को उनसे भक्तिरस के गुणों की प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने मुनिश्री तरुण सागर की ‘जीओ और जीने दो’ शीर्षक से प्रकाशित आठ पुस्तकों और एक कॉमिक्स का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि मुनिश्री के संदेशों में हमेशा देशभक्ति का भाव भरा रहता है। ये पुस्तकें समाज के उत्थान और नवनिर्माण के लिए उपयोगी साबित होंगी।

सास-बहू को खुद को बदलना होगा
मुनिश्री ने कहा कि घरों में सास-बहू के झगड़े सबसे बड़े हैं। सास ने कसम खा रखी है कि बहू को नहीं बदला तो मेरा नाग फूलन देवी नहीं। बहू ने टस से मस न होने की कसम खा रखी है। उन्होंने कहा कि वे अपने स्वभाव और नजरिए को बदलें, सामने वाला नहीं बदलेगा।

महिलाओं को वस्त्रों और आभूषणों के साथ स्वभाव को भी मेच करने की जरूरत है। उन्होंने सासुओं को सलाह दी कि वे बहू को बहू नहीं बेटी कहकर बोलें। वे बहू कहकर बोलती हैं तो बहू को लगता है कि उसकी सास बुला रही है। बेटी कहकर बोलेंगी तो लगेगा कि उनकी मां बुला रही है।

संताें के बोलने का दूसरा मतलब निकाल लेते हैं
मुनिश्री ने कहा कि लोग संतों के कहने का कुछ दूसरा ही अर्थ निकाल लेते हैं। एक कहानी सुनाते हुए मुनिश्री ने कहा कि एक दिन उनके पास एक शराबी आया। शराब ने कहा कि आप शराब छुड़वा सकते हो। उन्होंने ने भी हां कर दी। इस पर शराबी बोला कि हवलदार ने उसकी चार बोतलें पकड़ ली हैैं। उन्हें छुड़वा दें।
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सीएम के आने से पहले हटवाई आधी डी
शिवाजी स्टेडियम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के आने से पहले ही समारोह स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से बनवाई गई डी को हटवा दिया गया। बताया जा रहा है कि श्री दिगंबर जैन पंचायत के एक पदाधिकारी ने पुलिस की ओर से बनाई गई डी पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि यह नेताओं की रैली नहीं, बल्कि साधु व संतों का कार्यक्रम है। यहां पर सब व्यवस्था बनाने वाले हैं। उनको किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। इसके बाद डी को हटा दिया गया और डी के आगे तक श्रोता बैठ गए।
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