फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हारमोनी होम्स के एक हजार लोगों के फ्लैट्स की रजिस्टरी रुकी

विज्ञापन
विज्ञापन
हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी लगातार आवासीय कंपनियों पर शिकंजा कस रही है। एल्डिको में लोगों की रजिस्ट्री करने और टीडीआई में एक पात्र को ब्याज समेत प्लॉट की कीमत देने के आदेश किए जा चुके हैं। अब हरेरा ने हारमनी होम्स और रियल हाइट डेवलपर के पार्टनर के विवाद में बड़ा फैसला सुनाया है। दो पार्टनर्स के बीच चल रहे विवाद में हरेरा ने रियल हाइट में बने तमाम फ्लैट्स की रजिस्टरी पर पाबंदी लगा दी है। यहां एक हजार से अधिक लोगों के लगभग 300 करोड़ रुपये फंस गए हैं।
विज्ञापन

आदेश में कहा गया है कि जब तक पार्टनरों का विवाद नहीं निपटेगा तब तक फ्लैट की रजिस्टरी नहीं हो पाएगी। इन कंपनियों ने 1120 फ्लैट बनाए हैं इनमें से एक हजार फ्लैट बिक चुके हैं। आमतौर पर एक फ्लैट की औसतन कीमत 30 लाख रुपये है। हरेरा इस मामले की अगली सुनवाई 19 अक्तूबर को करेगा।
हरेरा ने अतरचंद मित्तल के पार्टनर राजेश गुप्ता और संजय गुप्ता को सुनवाई से 15 दिन पहले अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है। इन फ्लैट को बनाने में बाबरपुर निवासी अतरचंद मितल के पार्टर राजेश गुप्ता और संजय गुप्ता थे। ये दोनों भाई हैं। अतरचंद मितल ने दोनों भाइयों पर 55 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए हरेरा में शिकायत दी थी।
विज्ञापन

इस संबंध में वकील निशांत घणघस ने कहा कि संजय गुप्ता को पुलिस इस मामले में गिरफ्तार भी कर चुकी है। वो जेल से जमानत पर है। उसका भाई राजेश गुप्ता अभी तक इस मामले में फरार है। अतरचंद मित्तल के अनुसार, उन्होंने हारमनी होम्स और रियल हाइट डेवलपर्स से 55 करोड़ रुपये लेने हैं। राजेश गुप्ता और संजय गुप्ता ने अतरचंद मित्तल के साथ बड़ी धोखाधड़ी की है। अब निवेशकों के भी लगभग 300 करोड़ रुपये फंस गए हैं। जब तक इन पार्टनरों का विवाद नहीं सुलझेगा तब तक इन फ्लैट की रजिस्टरी नहीं हो सकती। इस मामले में कोर्ट में भी केस चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें