राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की सदस्य अंजना पंवार ने बुधवार को लघु सचिवालय में सफाई कर्मियों की समस्याओं पर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। साथ ही सरकारी और निजी संस्थाओं और पुलिस थानों में लगे सफाई कर्मियों के ईएसआई, पीएफ और वेतन का रिकार्ड तलब किया। उन्हें श्रम आयुक्त को यह रिकार्ड वीरवार तक मुहैया कराने का निर्देश दिया। आयोग की सदस्य ने उपायुक्त सुशील सारवान से कहा कि जिले के सभी निजी अस्पतालों, औद्योगिक इकाइयों, निजी स्कूलों, होटलों और पेट्रोल पंप का निरीक्षण कराया जाए। सफाई कर्मियों के ईएसआई और ईपीएफ के स्टेटस का पता लगाया जाए।
साथ ही जिले के 14 पुलिस थानों में लगाए गए सफाई कर्मियों की भी स्टेटस रिपोर्ट तैयार की जाए। पता किए जाए कि उन्हें समय पर वेतन मिल रहा है या नहीं। सहायक श्रम आयुक्त एसएन शर्मा को भी निरीक्षण करने का निर्देश दिया। उन्होंने सफाई कर्मियों को मास्क, दस्ताने, सैनिटाइजर और वेतन की समय पर उलब्धता सुनिश्चित करने का आदेश दिया। उपायुक्त सुशील सारवान ने गांव में कार्यरत सफाई कर्मियों की समस्याओं से अवगत करवाते हुए बताया कि इस कार्य के लिए जिला परिषद के सीईओ विवेक चौधरी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। वे सभी खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों से बैठक कर इसकी रिपोर्ट तैयार कराएंगे। इस मौके पर एसपी शंशाक कुमार सावन, जिला परिषद सीईओ विवेक चौधरी, एसडीएम धीरज चहल, सीटीएम रविंद्र मलिक, डीएसपी सतीश वत्स समेत जिला विजिलेंस एवं मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य प्राण रत्नाकर, स्टेट टास्क फोर्स के सदस्य मुकेश, नगर निगम कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुभाष और समाज सेवी मनोज जोगी भी उपस्थित थे।
वर्ष में दो बार वर्दी और रेनकोट उपलब्ध कराया जाए
आयोग की सदस्य ने कहा कि सफाई कर्मियों को वर्ष में दो बार वर्दी के साथ रेनकोट भी उपलब्ध करवाए जाए। नाला गैंग में ठेकों पर लगे कर्मियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने कहा कि पेंशन भोगी, दैनिक वेतन भोगी और मृत्यु के बाद आश्रित परिवारों का कोई काम लंबित न रखा जाए।