- तकसीम का केस उनके हक में करने के बदले मांगी थी 50 हजार रुपये की रिश्वत
- आधे रुपये पहले और आधे काम पूरा होने के बाद देना हुआ था तय
संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना (पानीपत)। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल की टीम ने मंगलवार को इसराना तहसीलदार के रीडर इंद्रजीत सिंह को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते उनकी सीट पर ही पकड़ लिया। रीडर की तलाशी ली तो उनकी जेब से 20 हजार रुपये और मिले हैं। वे इन रुपयों का भी हिसाब नहीं दे पाए। रीडर के पकड़े जाने के बाद तहसीलदार नरेंद्र दलाल कार्यालय छोड़कर भाग गए। आरोपी रीडर ने मांडी गांव के किसान नवीन से जमीन तकसीम के केस का फैसला उनके हक में कराने की एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। इसमें आधे पहले और आधे बाद में देने की बात कही थी। ब्यूरो ने रीडर के खिलाफ करनाल के सेक्टर-32 थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मांडी गांव के किसान नवीन ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल को शिकायत देकर बताया था कि उनकी मां और भाई के नाम गांव में नौ बीघा जमीन है। उनके चाचा ने उनके खिलाफ इसराना तहसील में तकसीम का केस दायर कर रखा है। इस केस का फैसला उनके हक में करने की एवज में तहसीलदार के रीडर इंंद्रजीत ने 50 हजार रुपये की मांग की है। उन्होंने 25 हजार पहले और 25 हजार बाद में देने को कहा है।
करनाल की टीम शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर वीरेंद्र की अगुवाई में ड्यूटी मजिस्ट्रेट सिंचाई विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी के साथ इसराना तहसील पहुंची। टीम ने 25 हजार रुपये पर पाउडर लगाकर शिकायतकर्ता को दे दिए। उन्होंने उक्त रुपये रीडर इंद्रजीत को देते ही टीम को इशारा किया। टीम ने रीडर इंद्रजीत को पकड़ लिया और उनकी तलाशी ली। उनसे रिश्वत के 25 हजार रुपये के साथ 20 हजार रुपये और बरामद किए। तहसील कार्यालय पर रेड की सूचना पर तहसीलदार नरेंद्र दलाल कार्यालय छोड़कर चले गए।
मांडी गांव के किसान नवीन की शिकायत पर इसराना तहसील से रीडर इंद्रजीत को 25 हजार रुपये की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसमें बाकी आरोपियों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।
- वीरेंद्र, प्रभारी, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो करनाल