पानीपत। जिले में डेंगू व चिकनगुनिया के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन एक्शन में आ गया है। उपायुक्त ने जिम्मेदार नगर निगम, जिला पंचायती राज विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई। बैठक में डीसी ने तीनों विभागों के अधिकारियों ने उनकी बीमारियों पर रोकथाम के लिए रणनीति की रिपोर्ट मांगी। डीसी ने बैठक में निजी अस्पतालों को एलाइजा एसएल वन टेस्ट की निर्धारित दर 600 रुपये से अधिक लेने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग को अपने अपने क्षेत्र में फॉगिंग करने व प्लॉटों में जमा पानी में काला तेल डालने के निर्देश दिए। जिले में अब तक डेंगू के 34 केस मिले चुके हैं। चिकनगुनिया का भी मंगलवार को पहला केस मिल चुका है।
डीसी डॉ. वीरेंद्र दहिया ने कहा कि टेस्ट के लिए जो फीस निर्धारित है। उससे अधिक फीस वसूलने पर निजी अस्पतालों पर कार्रवाई होगी। डॉक्टर डेेंगू, मलेरिया व अन्य प्रकार के बुखार को हव्वा न बनाएं। प्रत्येक कार्यालय अपने यहां इन बीमारियों की रोकथाम के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त करें। सभी ग्राम पंचायतों में आगामी सप्ताह तक फोगिंग करवाना सुनिश्चित करें।
बस अड्डे पर व वर्कशाप में खाली टायर रखे होते हैं। जिनमें मच्छरों के पनपने का भय रहता है। वहां पर मिट्टी का तेल इत्यादि डलवाएं ताकि मच्छरों का लारवा समाप्त किया जा सकें। जगह-जगह सड़कों के किनारे नारियल पानी पिलाने के लिए लोगों ने ठेले लगा रखे हैं। लोग नारियल पानी पीकर उनके खोल वहीं छोड़ जाते हैं, जिनमें बारिश का पानी इक्ट्ठा होकर लार्वा फैलने का डर रहता है। इस पर भी नगर निगम द्वारा संज्ञान लिया जाए।
बॉक्स
जिले में 49 सौ लोगों को नोटिस
डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील संदूजा ने बताया कि विभाग द्वारा टीमें बनाई गई हैं। पूरे जिले में एंटी लार्वा एक्टिविटी चलाई जा रही है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में डेंगू के मरीजों के लिए 18 बेड आरक्षित हैं। अब तक 4900 लोगों को लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किया गया है। तालाबों में भी गंबूजियां मछली मत्स्य पालन विभाग द्वारा डलवाई जाएंगी। बैठक में निगम आयुक्त जयेंद्र सिंह छिल्लर भी उपस्थित रहे।