गांव सौदापुर के पास से शुक्रवार की देर रात कार सवार पांच युवकों ने कार सवार जमींदार 55 वर्षीय नरेश अग्धी का कार समेत अपहरण कर लिया। अपहरणकर्ताओं ने नरेश को छोड़ने की एवज में उसके पुत्र से 20 लाख रुपये की फिरौती सोनीपत के गांव मुरथल के पास से वसूल की। फिरौती वसूलने के बाद शनिवार तड़के नरेश को सोनीपत के गांव रेवली के पास छोड़ा। इस वारदात के बाद से जमींदार नरेश सहमे हुए हैं वहीं उनके परिजन भी डरे हैं। शनिवार की दोपहर को परिजनों ने वारदात की जानकारी पानीपत पुलिस को दी।
गौरतलब है कि मॉडल टाउन निवासी नरेश की गांव सौदापुर के रकबे में खेती की जमीन है। खेत में धान रोपाई का कार्य चल रहा है। शुक्रवार की रात करीब आठ बजे नरेश के पास फोन आया कि उनका ट्रैक्टर खराब हो गया। नरेश सवा आठ बजे के करीब अपनी रेंज रोवर कार में सवार होकर खेत के लिए रवाना हुए। गांव सौदापुर के पास पहुंचते ही एक आई-20 कार ने उनके वाहन को ओवरटेक कर जबरन रुकवा लिया। ओवरटेक करते ही कार से पांच बदमाश उतरे और हथियारों के बल पर नरेश का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने नरेश को अपनी कार में बैठा लिया और उनकी कार को एक बदमाश साथ लेकर चलने लगा। अपहरणकर्ताओं ने नरेश के साथ मारपीट की और उनके मोबाइल से उनके पुत्र चिराग को कॉल कर 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी। बदमाशों ने चिराग को चेतावनी दी कि यदि फिरौती नहीं दी तो नरेश की हत्या कर दी जाएगी। पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वकील बेटा चिराग पलभर में पूरे मामले को भांप गया, जबकि अपहरणकर्ताओं ने चिराग को चेतावनी दी कि उस पर भी उनकी नजर है। इस मामले की सूचना पुलिस को दी तो नरेश की हत्या कर दी जाएगी। पिता की सलामती के लिए चिराग ने अपने रिश्तेदारों, आस-पड़ोसियों, दोस्तों, परिजनों से 20 लाख रुपये की रकम एकत्र की। अपहरणकर्ताओं ने चिराग को फिरौती की रकम लेकर सोनीपत के गांव मुरथल के पास बुलाया। जहां पर सुनसान जगह रुपयों से भरा बैग रखवा कर उसे गांव रेवली के पास भेजा। जहां उसके पिता नरेश घायल अवस्था में मिले व थोड़ी दूरी पर ही नरेश की कार खड़ी मिली।