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Panipat News: राकेश की मुठभेड़ को बताया हत्या, घंटों चला हंगामा

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पानीपत। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के शूटर प्रियव्रत के छोटे भाई राकेश उर्फ राका की मुठभेड़ में मौत पर उसके परिजनों ने पुलिस को कठघरे में खड़ा कर दिया है। परिजनों ने सीआईए-टू पानीपत के प्रभारी पर रंजिशन हत्या का आरोप लगाते हुए शव लेने से इनकार कर दिया। परिजनों ने सीआईए प्रभारी के खिलाफ लिखित शिकायत देकर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और पानीपत के बजाय पीजीआई में शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग की। इसे लेकर 10 घंटे तक हंगामा मचा रहा। परिजन इस बीच शवगृह में भी घुस गए। दो डीएसपी और तीन इंस्पेक्टर भी परिजनों को नहीं समझा पाए। शाम को एएसपी मयंक मिश्रा ने खानपुर पीजीआई में शव का पोस्टमार्टम कराने का आश्वासन दिया। पुलिस रविवार को पोस्टमार्टम कराएगी।
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गढ़ी सिसान निवासी जयभगवान ने कहा कि वह बैरागी समाज से है। दो साल पहले सीआईए प्रभारी के पिता ने हरियाणा बैरागी सभा के प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। उन्होंने दूसरे पक्ष को समर्थन दिया था। प्रभारी इस बात पर उनसे रंजिश रखते थे। इस बीच पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में उसके बड़े बेटे प्रियव्रत उर्फ फौजी का नाम आ गया। इसके बाद प्रभारी ने उसके तीसरे बेटे राकेश उर्फ राका पर निशाना साधना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सीआईए-2 रंगदारी मांगने के मामले में छह जुलाई को राकेश और उसके साथी प्रवीन उर्फ सोनू को मोहाली से लेकर आई थी। यहां लाकर उन्हें थर्ड डिग्री दी गई। इससे उसके बेटे राका की मौत हो गई। सीआईए-टू ने हत्या को मुठभेड़ का रूप दे दिया। राकेश और सोनू को समालखा ढोडपुर के पास ले जाकर गोली मार दी गई। उन्होंने राकेश का शव देखा तो उसकी गर्दन पर रस्सी के निशान थे। पूरा शरीर नीला पड़ा था। उन्होंने आरोप लगाया कि सात जुलाई को विदेश में रहने वाले एक जानकार के माध्यम से उनसे पांच लाख रुपये की मांग की और जल्दी रुपये न देने पर एनकाउंटर की धमकी दी।

राकेश के बड़े भाई अमित का आरोप है कि पुलिस ने शुक्रवार रात मुठभेड़ में उसके भाई राकेश और सोनू के पास जिस बलेनो गाड़ी को दिखाया है, वह गाड़ी पुलिस 10 दिन पहले रोहतक से बरामद कर चुकी है। अब झूठी मुठभेड़ में उसका प्रयोग किया गया है। आरोप है कि पुलिस ने 10 दिन पहले राकेश पर रोहतक में भी फायरिंग की थी।
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परिजन अपनी मांगों को लेकर हंगामा करते रहे। शाम करीब पांच बजे वे जीटी रोड जाम करने जाने लगे तो पुलिस ने सामान्य अस्पताल के दरवाजे बंद कर उन्हें रोक दिया। डीएसपी सुरेश सैनी, नरेंद्र ने अपनी टीम के साथ परिजनों को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया। वह अपनी मांग पर अड़े रहे। शाम छह बजे एएसपी मयंक मिश्रा पहुंचे। उनके आश्वासन पर परिजनों ने संतुष्टि जताई।

पानीपत में दो कारोबारियों से रंगदारी मांगने के मामले में फरार सिद्धू मूसेवाला की हत्या में शामिल बदमाश प्रियव्रत उर्फ फौजी के छोटे भाई राकेश उर्फ राका और प्रवीण उर्फ सोनू जाट की गिरफ्तारी के लिए पुलिस विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही थी। सीआईए 2 ने शुक्रवार रात आठ बजे ढोडपुर के पास सिल्वर रंग की बलेनो कार में राकेश और सोनू को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण करने को कहा तो भी उन्होंने फायरिंग जारी रखी। इसके बाद पुलिस की जवाबी कार्रवाई में राकेश और सोनू के पैरों में दो-दो गोलियां लगीं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां राकेश की मौत हो गई।
परिजनों की मांग पर पीजीआई खानपुर में पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों ने शिकायत दी है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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- मयंक मिश्रा, एएसपी, पानीपत
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