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टैंकरों पर टिकी समालखा में बारिश की पानी निकासी

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समालखा। टैंकर से गंदा पानी निकालते हुए - फोटो : Panipat
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समालखा। शहर की निकासी व्यवस्थ को दुरुस्त रखने का काम नगर पालिका का होता है, लेकिन समालखा में ट्रैफिक पुलिस निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने में जुटी हैं। मनो नगर पालिका के अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। इस वक्त समालखा में जीटी रोड में जमा पानी की निकासी टैंकरों पर टिकी है। सड़कों पर जमा पानी को टैंकरों में भरा जा रहा और दूसरी जगह छोड़ा जा रहा है। यह इंतजाम ट्रैफिक पुलिस ने ही किया, जिसमें जीटी रोड का निर्माण करा रही कंपनी का मदद ली गई, नगरपालिका अतापता नहीं है।
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शहर में पुराने बस अड्डे पर जलभराव है, जहां पर घंटों जाम लगने से दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग बाधित हो जाता है। यहां पर लंबा जाम लग जाता है, जिसे खुलने में तीन से चार घंटे तक लग जाते हैं। जीटी रोड पर चल रहे निर्माण कार्य के चलते पुराने बस अड्डे और सर्विस लेन के दोनों ओर पानी की निकासी पूरी तरह से ठप हो गई है। निर्माण के दौरान पुरानी ड्रेन को बंद कर दिया गया, लेकिन समस्या गंभीर होने पर फ्लाईओवर के साथ खुदाई कर ड्रेन को अस्थायी तौर पर फिर से चालू किया। इसके साथ ही पुराने बस अड्डे पर भरे पानी को निकालने के लिए टैंकरों को लगाया गया।
सोमवार को दिनभर हुई बारिश के कारण जलभराव अत्यधिक हो गया। पुराने बस अड्डे, सर्विस लेन से पानी को टैंकर में भरकर दूसरी जगह खाली किया जा रहा है। इस काम में छह टैंकर लगाए गए और सिटी ट्रैफिक पुलिस इंचार्ज राजेश कुमार यह काम करा रहे थे, जिससे जाम नहीं लगे।
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बैठक कर एसडीएम ने बनाई थी कमेटी, कोई फायदा नहीं
यह हालात तब हैं जबकि जलभराव की समस्या से निपटने के लिए एसडीएम कार्यालय में नगरपालिका, पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य विभाग, एचएसआईआईडीसी बैठक हुई, जहां पर इन सभी विभागों की एक कमेटी बनाई गई थी। इस कमेटी को निकासी दुरुस्त करने का कार्य करेगी। लेकिन न तो यह कमेटी ने ही कोई ठोस कदम उठाया न ही विभागों ने अपनी जिम्मेदारी समझी, नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
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