माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बेमौसमी बारिश से किसानों के अरमान खेत से लेकर मंडी तक भीग गए। मंडियों में खुले में पड़ा करीब 20 हजार क्विंटल धान भीग गया। वहीं खेतों में धान की फसल बिछ गई जिसमें करीब पांच प्रतिशत के नुकसान का आकलन किया गया है। किसान मंडी में बेचने लाए धान को अपनी आंखों के सामने भीगते देखते रहे।
प्रशासन के तिरपाल के पुख्ता प्रबंध करने के दावे धरे रह गए। किसानों ने अपने या आढ़ती की मदद से तिरपाल से ही फसल ढकी। बाकी ढेरी भीगती रही। ऐसे में मंडियों में धान की खरीद भी नहीं हो सकी। सोमवार सुबह मौसम में बदलाव आ गया। सुबह हल्के बादल छाने के साथ करीब 19 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चली। दोपहर बाद बादल और तेज होने से बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक मध्यम बारिश हुई। किसानों ने मंडी में सुखाने के लिए फैलाई धान को इकट्ठा किया। आढ़ती के सहयोग से फसल पर तिरपाल डाला।
पर्याप्त तिरपाल न मिलने पर पानीपत, बाबरपुर, समालखा, बापौली, इसराना व मतलौडा समेत सात मंडियों में धान भीग गया। मंडियों में करीब 20 हजार क्विंटल धान भीग गया। मंडियों में अब तक करीब 81875 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। इसमें से 74740 मीट्रिक टन धान की खरीद की। जबकि सरकारी धान में से करीब 1039 मीट्रिक टन का उठान हो पाया है। यह कुल धान का 24.63 प्रतिशत है। शाहपुर गांव के अजमेर और जितेंद्र ने बताया कि बेमौसमी बारिश के साथ हवा चलने से खेतों में खड़ी धान की फसल गिर गई। अभी फसल में करीब पांच प्रतिशत तक नुकसान है। मौसम इसी तरह बना रहा तो नुकसान बढ़ सकता है। मंडी में लाया गया धान भी भीग गया। प्रशासन के स्तर पर किसी प्रकार के प्रबंध नहीं किए गए हैं।
मंडियों के शेड के नीचे पहले से धान पड़ी है। कृषि विज्ञान केंद्र उझा के मौसम विशेष डॉ. आशीष कुमार ने बताया कि मंगलवार को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डाॅ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि बारिश से धान में कुछ नुकसान हो सकता है। अभी आकलन नहीं किया है। खरीद के इंतजार में भीग गया धान पेज-2
समालखा अनाज मंडी में बारिश में भीगती धान की ढेरी। संवाद
समालखा अनाज मंडी में बारिश में भीगती धान की ढेरी। संवाद
समालखा अनाज मंडी में बारिश में भीगती धान की ढेरी। संवाद