जाट आरक्षण आंदोलन की आग ठंडी होने के बाद दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग सामान्य होने के बाद केवल एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही तेज हो सकी है। रेलवे अधिकारी पैसेंजर ट्रेनों के पटरी पर नहीं उतार पा रहे हैं। जिसके चलते पैसेंजर ट्रेनों के यात्रियों में रोष बढ़ता जा रहा है। वहीं रेलवे अधिकारी इसके पीछे तकनीकी तर्क दे रहे हैं।
दिल्ली-अंबाला रेलमार्ग पर जहां कुछ एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही हुई है। वहीं पानीपत-जींद-रोहतक रूट पर अब तक सवारी गाड़ी नहीं दौड़ सकी है। इससे रेल यात्रियों में रेल प्रशासन के प्रति रोष भर गया है। यात्री सुरेश, शमशेर सिंह, धर्मेश, योगेंद्र ने बताया कि पानीपत औद्योगिक नगरी होने के चलते जींद रोहतक व अन्य जिलों से भी काफी संख्या में यात्री ट्रेन के माध्यम से पानीपत पहुंचते है, लेकिन रेल यातायात सुचारु न होने के कारण सभी को परेशानी उठानी पड़ रही है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पानीपत से होकर लगभग चौबीस पैसेंजर ट्रेनों का आवागमन होता है।
वीरवार सुबह सात बजे दिल्ली की तरफ पैसेंजर ट्रेन को ट्रायल के तौर पर रवाना किया गया है, वहीं शाम के अंबाला की ओर पैसेंजर ट्रेन रवाना होने की उम्मीद है। पैसेंजर ट्रेनें बंद के चलते रेल यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।