इसराना। एनसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के हॉस्टल में एमबीबीएस छात्र पर जानलेवा हमले के बाद छात्रों में सुरक्षा की मुद्दा फिर सुर्खियों में आ गया है। घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। छात्रों का कहना है कि यदि कॉलेज परिसर और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती व बाहरी लोगों के प्रवेश पर प्रभावी निगरानी रहती तो इस तरह की गंभीर घटना टाली जा सकती थी।
विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन से हॉस्टल में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, प्रवेश द्वार पर सख्त जांच, रात्रि गश्त, सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग की मांग की। छात्रों का कहना है कि अभिभावक उन्हें सुरक्षित माहौल में पढ़ने के लिए भेजते हैं लेकिन लगातार सामने आ रही मारपीट की घटनाओं से विद्यार्थियों में डर का माहौल है। उधर, इसराना थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है व प्रत्यक्षदर्शी छात्रों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है, जिससे पूरे घटनाक्रम और घटना के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। घायल छात्रों का उपचार एनसी मेडिकल कॉलेज में जारी है।
पहले भी हो चुके हैं विवाद :
कॉलेज के हॉस्टल में छात्र विवाद और मारपीट की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं ने कॉलेज में छात्रों की सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाए तो भविष्य में इससे भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में छात्र सुरक्षा को लेकर स्थायी व्यवस्था लागू करना अब कॉलेज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। एनसी मेडिकल कॉलेज में जो छात्र एमबीबीएस की पढ़ाई करते हैं, वह लाखों खर्च करने के बाद भी सुरक्षित नहीं है।
इसराना थाना प्रभारी हरिराम ने बताया कि घायल छात्र की शिकायत पर नामजद छह आरोपित छात्रों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।