समालखा। शहर के बेनीवाल चौक से जीटी रोड तक करीब 33 लाख रुपये की लागत से बनाए जा रहे नाले के निर्माण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एक मकान तक करीब दो फीट चौड़े नाले का निर्माण पूरा होने के बाद आगे जीटी रोड तक करीब 100 फीट हिस्से में छोटी नाली बनाने की मांग को लेकर पार्षद और ठेकेदार आमने-सामने आ गए हैं। पार्षद के हस्तक्षेप के बाद पिछले चार-पांच दिनों से निर्माण कार्य ठप पड़ा है। इससे खटीक बस्ती के दुकानदारों व राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार ने पूरे मामले से नगर परिषद सचिव को अवगत करा दिया है। नगर परिषद द्वारा वार्ड-10 में पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बेनीवाल चौक से खटीक बस्ती होते हुए जीटी रोड तक 33 लाख रुपये का बजट मंजूर कर करीब 20 दिन पहले नाले का निर्माण शुरू कराया गया था। एस्टीमेट के अनुसार नाले की चौड़ाई करीब दो फीट निर्धारित है और उसी हिसाब से निर्माण चल रहा था।
खटीक बस्ती के दुकानदार गौरव, दयानंद, रवि और रमन का कहना है कि नाले की चौड़ाई अधिक होने से मुख्य सड़क संकरी हो रही है। जीटी रोड के पास पिछले चार-पांच दिनों से नाले के लिए गहरी खुदाई कर मिट्टी का भारी ढेर लगा दिया गया है, जिससे रास्ता बंद सा हो गया है और दुकानदारों का काम-धंधा ठप पड़ा है। यदि रास्ता और संकरा हुआ तो भविष्य में आवागमन में बड़ी दिक्कत होगी।
ठेकेदार रवि का कहना है कि एस्टीमेट के अनुसार मकान तक दो फीट चौड़े नाले का काम पूरा हो चुका है। आगे 100 फीट हिस्से में पार्षद द्वारा छोटी नाली बनाने का दबाव बनाया जा रहा है। यह स्वीकृत डिजाइन के खिलाफ है। इसी कारण काम रोका गया है और एस्टीमेट के हिसाब से ही काम पूरा किया जाएगा।
नगर परिषद सचिव प्रिंस मेहंदीरत्ता ने बताया कि नाले का मौका देखा जाएगा। स्थानीय लोगों से बात कर नियमानुसार नाला बनाया जाएगा।