माई सिटी रिपोर्टर पानीपत। मॉडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल में बच्चा बदलने के मामले में डीएनए रिपोर्ट पर पीड़ित परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस ने किसी अन्य की डीएनए रिपोर्ट उनको दे दी। इसमें ऊपर से लेकर नीचे तक तीन जगह अलग-अलग के नाम के व्यक्ति हैं। उनका आरोप है कि पुलिस अधिकारी अस्पताल संचालक व स्टाफ पर कार्रवाई करने की बजाय उनके चक्कर कटवा रहे हैं। परिजनों ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस मामले में न्याय की मांग की है। वहीं पुलिस ने डीएनए रिपोर्ट में नाम अलग-अलग होना क्लेरिकल गलती बताया है। इन सबके बीच पूरे मामले को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में 30 दिसंबर को मंत्री के सामने रखा जाएगा।
बजिंदर सिंह निवासी राजा खेड़ी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनके बच्चा बदलने की डीएनए रिपोर्ट को भी बदल दिया गया है। यह बड़ी लापरवाही है। पुलिस राजनीतिक हस्तक्षेप के चलते इस मामले में चिकित्सक और स्टाफ पर कार्रवाई नहीं कर रही है। जबकि गत दिनों पुलिस अधिकारियों ने इसमें मुकदमा दर्ज करने की बात कही थी। पुलिस अगले दिन ही अपनी बात से मुकर गई। उनको बच्चे की डीएनए रिपोर्ट दी है। यह पूरी से बदली हुई है। इसमें नरेश, बीरेंद्र और पूनम का नाम दिया गया है। इस मौके पर संतलाल, जगबीर, सुनील कुमार व रणधीर मौजूद रहे।
यह है मामला
राजाखेड़ी गांव निवासी बजिंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी पत्नी ने 15 अगस्त को एक अस्पताल में उसकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। यहां डॉक्टरों ने कुछ देर बाद ही बच्चे को सांस लेने की दिक्कत बताई। इसके बाद बच्चे को मॉडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। दोनों डॉक्टरों ने आपस में बातचीत भी की। दूसरे निजी अस्पताल ने कुछ देर भर्ती करने के बाद परिजनों को बताया कि बच्चे की हालत और नाजुक हो गई। उसे दिल्ली ले जाने के बारे में कहा। जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दिल्ली के अस्पताल में डॉक्टरों ने पानीपत के दोनों निजी अस्पतालों की रिपोर्ट देखी और फिर बच्चे के माता-पिता से रिपोर्ट के बारे में जानकारी ली। महिला ने इसे अपनी रिपोर्ट बताया तो डॉक्टरों ने पूछा कि क्या आपको पहले कोई बच्चा है। महिला ने खुद के दो बच्चे होने की बात बताई। जिस पर डॉक्टर भी चौक गए और कहा कि इस रिपोर्ट के आधार पर महिला को होने वाला बच्चा जिंदा रह ही नहीं सकता है। यहां उनको बच्चा बदलने की बात का शक गहरा गया। वे इसके बाद पानीपत अस्पताल में पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से उस दिन की सीसीटीवी दिखाने को कहा। जिसमें छह मिनट की फुटेज गायब थी। डॉक्टरों ने बिजली कट लगने की बात कही थी। परिजन वहां से बिजली निगम पहुंचे। जहां उन्हें बताया कि उस दिन बिजली का कट लगा ही नहीं था। इनको शक था कि उनका बच्चा बदला गया है। पुलिस ने मामले का पटाक्षेप करने के लिए डीएनए सैंपल भेजे थे।
वर्जन-
मधुबन से डीएनए रिपोर्ट मिली थी। जिसमें मृत बच्चे की डीएनए रिपोर्ट राजा खेड़ी निवासी बजिंद्र से मिली थी। इसमें नाम को लेकर कुछ आपत्ति है। मधुबन लैब से रिपोर्ट ली जा रही है। इसको जल्द ही स्पष्ट कर दिया जाएगा।
राकेश कुमार, प्रभारी, थाना पुलिस मॉडल टाउन।
मेरठ-------बच्चा पार्क स्थित सेंट थॉमस चर्च में प्रार्थना सभा मे भाग लेते श्रद्वालु----नीटू- फोटो : वीडियो ग्रैब