पानीपत। बरसत रोड की जमीन के अधिग्रहण और मुआवजे के लिए अदालत में चल रहे एक अन्य मामले को निस्तारित कर दिया गया। सिविल जज जूनियर डिवीजन की अदालत ने भारत भूषण बनाम हरियाणा राज्य प्रकरण में पीडब्ल्यूडी को 15 दिन में 1.53 करोड़ रुपये ट्रेजरी में जमा करने के आदेश दिए हैं।
वहीं, डिक्री होल्डर ने फिलहाल मुआवजा लेने से इंकार कर दिया और हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर दी। जिस पर अदालत ने कहा कि भुगतान का अंतिम रूप पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगा। बरसत रोड की जमीन के मुआवजे और अधिग्रहण के लिए भारत भूषण बनाम राज्य मामले में 13 फरवरी को सुनवाई हुई।
अदालत ने प्रकरण का निस्तारित करते हुए कहा कि 18 अक्तूबर 2025 को अदालत ने आदेश दिया था कि संबंधित संपत्ति का कब्जा देना संभव न होने के कारण डिक्री होल्डर को 1.53 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। राजस्व अभिलेखों के अभाव में संपत्ति का सीमांकन संभव नहीं था। जिस कारण कब्जा देने का विकल्प समाप्त हो गया था। सुनवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने आवेदन दायर कर कहा गया कि अतिरिक्त मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग ने नौ फरवरी 2026 को मुआवजा राशि स्वीकृत कर दी और वे अदालत में जमा करना चाहते हैं। वहीं, डिक्री होल्डर के अधिवक्ता ने कहा कि फिलहाल वह मुआवजा राशि प्राप्त नहीं करना चाहते। उन्होंने, हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर रखी है। उन्होंने हाईकोर्ट के आदेश तक स्थगित रखने का आग्रह किया।
अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट की ओर से कार्यवाही पर कोई स्थगन आदेश नहीं दिया गया है। साथ ही यह निष्पादन याचिका सबसे पुरानी याचिकाओं में से एक है और इसे शीघ्र निपटाना आवश्यक है। अदालत ने विभाग को 15 दिन के अंदर 1.53 करोड़ रुपये का मुआवजा ट्रेजरी में जमा कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही डिक्री होल्डर को यह छूट दी कि हाईकोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद वे उसी चरण से याचिका पुनर्स्थापित करा सकते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमा की गई राशि हाईकोर्ट के फैसले के अधीन रहेगी और उसी के अनुसार निकासी संभव होगी।