शांति नगर की एक बिल्डिंग के नक्शे पर पीडब्ल्यूडी ने आब्जेक्शन लगा दिया। इसके बाद भी नगर निगम में उसे पास कर दिया गया। नगर निगम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों का इसमें हाथ होने की आशंका है। आरोप है कि बिल्डिंग का नक्शा मंजूर करने के लिए पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन की रिपोर्ट को ही बदल दिया गया।
उनकी खारिज रिपोर्ट के नंबर पर ही अपनी रिपोर्ट लगाकर बिल्डिंग का नक्शा पास किया गया है। पीडब्ल्यूडी एक्सईएन ने मामला सामने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। दूसरी तरफ नगर निगम के अधिकारी किसी तरह की जानकारी न होने की बात कह रहे हैं।
पॉश एरिया मॉडल टाउन के साथ लगते शांति नगर में एक बिल्डिंग का नक्शा नगर निगम के पास मंजूरी के लिए जमा कराया गया था। नगर निगम अधिकारियों ने उस बिल्डिंग का नक्शा पास करने के लिए पीडब्ल्यूडी से एनओसी लेना जरूरी बताया। इस पर संबंधित व्यक्ति ने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन के पास आवेदन किया।
उन्होंने सात दिसंबर 2016 को बिल्डिंग की एनओसी खारिज कर दी। साथ ही अपनी रिपोर्ट बनाकर नगर निगम के पास भेज दी। अब खुलासा हुआ है कि पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में नक्शे की एनओसी खारिज करने के बाद भी नक्शा मंजूर कर दिया गया। आरोप है कि इसमें पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट को भी बदल दिया गया है।
यह लिखा था पीडब्ल्यूडी ने अपनी रिपोर्ट में
पीडब्ल्यूडी ने शांति नगर स्थित बिल्डिंग के नक्शे की एनओसी में आपत्ति दर्ज की थी। उन्होंने सात दिसंबर 2016 को इस बारे में नगर निगम अधिकारियों को रिपोर्ट दी थी। बताया था कि यह जमीन सिंचाई विभाग की होने के चलते बिल्डिंग की एनओसी नहीं दी जा सकती। यह बाईपास के साथ लगती है। सरकार के निर्देशानुसार इसको बनाया नहीं जा सकता।
अगले ही दिन उसी लेटर नंबर पर बदल दी रिपोर्ट
नगर निगम के सूत्रों के अनुसार पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट में एनओसी पर आब्जेक्शन लगने के अगले ही दिन यानी सात दिसंबर 2016 को उसी लेटर नंबर को दिखाकर नगर निगम ने एनओसी जारी कर दी। यह एनओसी एक महिला के नाम से जारी की गई है।
इसमें छह प्वाइंट दिए गए हैं। इस में दो लाइनों में लिखा है कि नगर निगम इन नियमों को सही पाता है तो पीडब्ल्यूडी को इस बिल्डिंग पर कोई आपत्ति नहीं है।
निगम के हाउस की मीटिंग में भी उठा है मुद्दा
नगर निगम के हाउस की बैठक में बिल्डिंग के नक्शे पास करने का मुद्दा कई बार उठ चुका है। वार्ड-तीन पार्षद हरीश शर्मा ने पिछली बैठक में फाइल लहरा दी थी। इसको लेकर हंगामा भी हुआ था। पिछले दिनों भाजपा जिलाध्यक्ष की अध्यक्षता में नगर निगम अधिकारियों और पार्टी पार्षदों की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था। यहां पर भी हंगामा हुआ था। भाजपा पार्षद लोकेश नांगरू बिल्डिंग के नक्शों पर पहले ही सवाल उठा चुके हैं।
बिल्डिंगों की सील खोलने में भी ख्रेल
सूत्रों की माने तो नगर निगम में पहले बिल्डिंग को सील करना और फिर उनकी सील खोलने में भी अधिकारी खेल कर रहे हैं। नगर निगम ने कई माह पहले स्काईलार्क रोड स्थित एक निजी अस्पताल की बिल्डिंग को सील किया था। इसके कुछ दिनों बाद ही सील को खोल दिया गया।
मॉडल टाउन लाल टंकी के पास कई साल पहले एक बिल्डिंग को सील कर दिया गया था। इसके बाद सील खोल दी गई। यह मामला लोकायुक्त की कोर्ट में विचाराधीन है। इसमें नगर निगम और प्रशासनिक अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि पिछले दिनों नगर निगम ने दस भवन सील किए थे। बाद में इन सबको खोल दिया गया।
इसलिए कराने होते हैं नक्शे पास
नगर निगम अपने अधिकार क्षेत्र में हर भवन का नक्शा पास कराता है। नक्शे को मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू करना होता है। उसी के आधार पर पूरा निर्माण करना पड़ता है। निगम में इसके लिए अलग से ब्रांच है।
मेरे पास शांति नगर से किसी बिल्डिंग के फर्जी तरीके से नक्शा पास करने से संबंधित जानकारी नहीं है। ऐसा है तो गंभीर मामला है। इसकी जांच कराई जाएगी। किसी तरह की गलती मिलने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
रामदास, एक्सईएन, नगर निगम पानीपत।
मेरे पास नगर निगम से एक बिल्डिंग के नक्शे की एनओसी मांगी गई थी। उसको मौके की स्थिति को देखते हुए खारिज कर दिया गया था। अब सुनने में आया है कि मेरी रिपोर्ट को बदलकर उस बिल्डिंग का नक्शा पास कर दिया गया है। यह चिंता का विषय है। मैंने इस बारे में पुलिस को लिख दिया है।
प्रदीप अत्री, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, पानीपत।