जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान फैले उपद्रव में हुए नुकसान के बाद रविवार को जिले के पंजाबी समुदाय के लोग पार्टी एवं क्षेत्र की सीमा को लांघकर पीड़ितों की मदद के लिए एकजुट हुए।
यहां भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज ने फंड एकत्रित करने की बजाए मुख्यमंत्री कोष में चंदा देने की बात कही तो पंजाबी समुदाय के लोगों ने दंगा ग्रस्त लोगों को ही राहत मिलने पर चंदा देने की हामी भरी।
विज ने समुदाय के लोगों की बात मुख्यमंत्री के सामने रखकर स्थिति स्पष्ट करने का भरोसा दिया। सभा में पहुंचे पानीपत शहरी विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी को भी बोलने का मौका नहीं दिया गया।
पंजाबी नव निर्माण सभा के बैनर तले रविवार को मॉडल टाउन स्थित मुल्तान भवन में बैठक हुई। जिसमें पंजाबी समुदाय के लोग एकजुट हुए।
सुबह करीब 11 बजे शुरू बैठक दोपहर बाद करीब दो बजे तक चली। इस दौरान जाट आरक्षण आंदोलन में रोहतक, गोहाना व सोनीपत में व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने एवं मुरथल में कथित सामूहिक दुराचार की निंदा की।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने पूरे प्रदेश की आबोहवा को बिगाड़ दिया। समुदाय के लोगों ने साफ कहा कि आंदोलन के दौरान प्रभावित व्यापारियों एवं दुकानदारों को पूरा मुआवजा मिलना चाहिए।
सरकार ऐसा नहीं करती है तो वे इसको लेकर सड़कों पर भी उतरने को मजबूर होंगे और मुआवजा मिलने तक चुप नहीं बैठेंगे। समुदाय के लोगों ने कहा कि वे बंद मुट्ठी की तरह रहें और मारने वालों से बचने के साथ उन पर हमला करना भी सीखें।
चमचागिरी करने वालों को बिरादरी से करो बाहर
संयुक्त व्यापार मंडल के महासचिव अनिल मदान ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सबसे ज्यादा पंजाबी समुदाय के लोगों को नुकसान उठाना पड़ा है।
कुछ लोगों के काम धंधे पूरी तरह से चौपट हो गए हैं। पंजाबी समुदाय के कुछ लोग चमचागिरी में लगे हुए हैं। ऐसे लोग चमचागिरी छोड़ दें, नहीं तो इन लोगों को बिरादरी से बाहर कर दो।
क्षति पहुंचाने वालों को भविष्य होगा खतरनाक
पार्षद लोकेश नांगरू ने कहा कि कुछ लोगों ने आज क्षति पहुंचाई है, लेकिन उनको इस क्षति की भविष्य में कई गुना क्षति पहुंचेगी उन लोगों के खिलाफ आज पूरा समाज खड़ा है।
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने पूरे मामले में मुख्यमंत्री पर दबाव बनाया था। ऐसे लोगों के जल्द ही नाम सामने आएंगे। वे एकजुट होकर रोहतक के परिवारों की मदद के लिए आगे आएं और 50 लोगों की टुकड़ी बनाकर रोहतक में मदद को भेजें। इसके अलावा अपनी रक्षा को लेकर वार्ड व क्षेत्र में कमेटी बनाएं।
फैक्टरी और दुकान चलाने के साथ सुरक्षा करनी सीखों
सुभाष बठला ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जो भी हुआ वह बहुत बुरा था। पानीपत के लोगों ने जाम में फंसे लोगों का सहयोग किया। इसमें धार्मिक व सामाजिक संगठनों के साथ व्यक्ति मदद करने भी लोग पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाबियों को फैक्टरी व दुकान चलाने के साथ अपनी रक्षा करनी भी सीखनी होगी।
इतना बुरा हुआ पर किसी ने सुनवाई नहीं की
एडवोकेट दीपक सचदेवा ने कहा कि आंदोलन की आड़ में पंजाबियों पर कहर बरसाया गया, लेकिन कोई एमएलए एवं मंत्री उनका दुख दर्द बांटने बीच में नहीं आया।
वे सब अपनी राजनीति में लगे रहे। कोई भी अपना इस्तीफा तक देने की हिम्मत नहीं जुटा पाया। उन्होंने प्रदेश व केंद्र के मंत्रियों तक समुदाय के लोगों की मांग रखी, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। पंजाबी मंत्रियों व विधायकों की अनदेखी चिंता का विषय है। इस पूरे मामले में सरकार पूरी तरह दोषी है।
विपक्ष बर्बादी पर हंसा
मोहन सिंह ठेकेदार ने कहा कि पंजाबियों की बरबादी पर विपक्ष भी जमकर हंसा है। सीएम का भी छह माह इंतजार करेंगे और इस समय में भी कुछ नहीं होता है तो वे उनके खिलाफ भी सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
हिम्मत दिखाते तो नहीं कर सकता था कोई हमला
हरविंद्र दिलावरी ने कहा कि एक समुदाय का हव्वा बन गया था। उनकी कॉलोनी में भी ऐसा हुआ, लेकिन वे सब एकजुट होकर बाहर आ गए। सबको आगे आने की हिम्मत जुटाई। उन्होंने कहा कि पंजाबी समुदाय के लोग भी हथियार लेकर अपनी रक्षा करें।
पंजाबियों के पास लाठी तक नहीं, हथियारों का करें आवेदन
रमेश बतरा ने कहा कि पंजाबी समुदाय के लोग किसी के उजडने का दुख जानते हैं। 1947 में उन पर बीत चुका है। उन्होंने आज तक अपने पास लाठी तक नहीं रखी। अब समय बदल गया है। वे हथियारों को लेकर आवेदन करें और अपनी रक्षा अपने हाथों में लें। फिर किसी में हिम्मत नहीं होगी।
कौम के लिए कुछ नहीं किया तो लालबत्ती पर कर लूूंगा आत्मदाह
प्रताप मदान ने कहा कि कुछ लोगों ने आरक्षण के नाम पर जमकर तांडव किया। इसका नजारा सब लोगों ने देखा और आज भी उनके अत्याचार सामने आ रहे हैं। उपद्रवियों को सजा व पीड़ित पंजाबियों को मदद नहीं मिली तो वे सड़क पर उतरेंगे और लालबत्ती चौक पर आत्मदाह कर लेंगे।
विधायक व नेता सब छुप गए
पार्षद हरीश शर्मा ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग को लेकर दस दिन सड़कों पर रहे और इस दौरान शहर के एमएलए या अन्य नेता सामने नहीं आए। उनका किसी को कोई पता तक नहीं चला। दोनों जाट मंत्रियों ने पूरे मामले को बिगाड़ा है और ऐसे में प्रदेश व केंद्र के सभी जाट मंत्रियों को मंत्रीमंडल से बाहर निकाल देना चाहिए।
सीएम सब जानते हैं, लोग सीएम कोष में दें दान
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद विज ने क्रिकेट मैच की आखिरी बोल पर चौका या छक्का लगाने का उदाहरण देकर पूरे मामले को स्पष्ट करने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा वे जाम के दौरान तीन दिन तक लोगों की सेवा में लगे रहे और प्रशासन व सरकार से भी बात करते रहे। सरकार के पास पूरी रिपोर्ट है और पूरे मामले को बिगाड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने पूरे मामले में राजनीति न कर हकीकत बताई है।
डीसी व एसपी ने जाट सरपंचों की मदद से पूरे मामले को काबू में रखा है। सरकार सबको मुआवजा देगी। उन्होंने सीएम की इमानदारी की बात कहकर हाथ उठवाकर सबका समर्थन लिया। वे अपने स्तर पर चंदा इकट्ठा करने की बजाय मुख्यमंत्री कोष में चंदा दें। यहां से सरकार के स्तर पर राहत दी जाएगी। वे सोमवार को ही पांच लाख रुपये का चेक सीएम कोष में जमा कराएंगे।
समुदाय के लोग बोले पीड़ितों को ही मदद मिलें तो देंगे चंदा
जिलाध्यक्ष प्रमोद विज द्वारा सीएम कोष में पैसा जमा कराने पर समुदाय के कई लोगों ने प्रतिक्रिया की। उन्होंने मंच पर आकर कहा कि वे दंगाग्रस्त परिवारों की मदद को लेकर आगे आए हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष का सारा पैसा केवल दंगाग्रस्त लोगों को जाता है तो वे इसको तैयार हैं।