समालखा। नगरपालिका एक बार फिर शहर में चार जगहों पर लाखों की लागत से आधुनिक सार्वजनिक शौचालय बनवाने जा रही है जबकि करीब आठ वर्ष पहले स्वच्छता मिशन के तहत बनवाए गए शौचालयों की सुध नपा ने नहीं ली। यहां तक कि करीब एक वर्ष पहले इन शौचालयों की साफ-सफाई व रिपेयरिंग के टेंडर में से भी केवल दो लाख ही खर्च हो सके।
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला ने 23 मार्च को शौचालयों के न होने पर लोगों की समस्या को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। शहर को खुले में शौच मुक्त करवाने को लेकर करीब आठ साल पहले स्वच्छता मिशन के तहत करोड़ों रुपये के सार्वजनिक शौचालय बनाए गए थे। लेकिन देखरेख के अभाव में अधिकांश टूट गए और कइयों में से सामान चोरी हो गयाा। इसके बावजूद नगरपालिका की आंख नहीं खुली जबकि समय-समय पर इनके रखरखाव के लिए टेंडर भी दिए गए थे। करीब एक वर्ष पहले भी सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई और रिपेयरिंग आदि को लेकर दस लाख रुपये का टेंडर छोड़ा गया था लेकिन उसमें से भी केवल दो लाख रुपये ही खर्च हुए जिसके कारण शौचालयों की हालत नहीं सुधर सकी। अब फिर से नगरपालिका लाखों की लागत से शौचालय बनवाने जा रही है जबकि पहले शौचालयों की कोई सुध नहीं है। जो जनता के पैसों की बर्बादी नजर आती है।