पानीपत। शहर के सामुदायिक और सार्वजनिक शौचालयों की सफाई का काम मंगलवार को समाप्त हो चुका है। जिसके बाद बुधवार से इन शौचालयों पर ताले लगा दिए गए। जिसकी वजह से शहर के लोग खुले में शौच करने को मजबूर हो रहे हैं। निगम ने शौचालयों की सफाई का काम दिल्ली की एजेंसी को करीब 80 लाख रुपये सालाना में दिया था। इसके अलावा करीब 24 लाख से इनकी रिपेयरिंग अलग से कराई गई थी।
शहर में 35 जगहों पर ये सार्वजनिक शौचालय बने हुए हैं। बुधवार को इनके बंद होने की वजह से दिन भर शहर के लोगों को शौच के लिए भटकना पड़ा। विशेष बात ये है कि इनमें से कई शौचालय तो एलिवेटेड पुल के नीचे और शहर के बाजारों के बिल्कुल पास हैं। जिनकी लोगों को सबसे ज्यादा जरूरत होती है लेकिन ऐसी स्थिति में इन पर ताला लटकाना लोगों के लिए परेशानी देने वाला साबित हुआ। दूसरी ओर निगम अधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता के चलते किसी भी प्रकार के नए काम की शुरुआत ऐसे नहीं की जा सकती। इसके लिए मुख्यालय और चुनाव आयोग से अनुमति लेने की आवश्यकता होती है। शौचालय जैसे सुविधा के लिए मुख्यालय पत्राचार किया गया है। इसमें अगर मुख्यालय की ओर से आवश्यकता को देखते हुए टेंडर या समय बढ़ाने की अनुमति मिलती है तो उसके अनुसार ही काम किया जाएगा।
नगर निगम ने शहर के सामुदायिक केंद्रों और सार्वजनिक स्थानों पर करीब 35 शौचालयों का निर्माण कराया है। इनमें एलिवेटेड पुल के नीचे वाले पांच शौचालय भी शामिल हैं। जिनको रिफाइनरी के सीएसआर फंड से जनहित में बनवाए गए थे। अब निगम के पास ही इनकी सफाई और रखरखाव का काम है। इन शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। जो शहर के लोगों के लिए परेशानी की बात है।
वर्जन :
इस पर निगम के मुख्य सफाई निरीक्षक जितेंद्र नरवाल का कहना है कि निगम की ओर से मुख्यालय पत्राचार किया गया है। जैसे ही अनुमति मिलेगी उसके हिसाब से आगे काम किया जाएगा।