पानीपत। प्रॉपर्टी विवाद के चलते जानलेवा हमले के मामले में आरोपी सेक्टर 13-17 के प्रॉपर्टी डीलर सुनील उर्फ बिट्टू सलूजा (45) ने वीरवार सुबह दिल्ली पैरलल नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। सुबह करीब नौ बजे उनका शव पुराना औद्योगिक थाना क्षेत्र में कश्यप कॉलोनी के पास नहर से बरामद किया गया है।
जेब से मिले मोबाइल फोन से नंबर लेकर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने दूसरे पक्ष के तीन व्यक्तियों पर झूठे मामले में फंसाने के आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि जानलेवा हमले में उनका नाम झूठा लिखवाया गया था। जिससे वह तनाव में थे। पुराना औद्योगिक थाना पुलिस ने मृतक के बेटे की शिकायत पर तीन प्रॉपर्टी डीलर के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
थाना पुराना औद्योगिक प्रभारी देवेंद्र ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे कश्यप कॉलोनी के पास दिल्ली पैरलल नहर में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। नहर से शव निकालकर शिनाख्त कराई। पुलिस ने मृतक की जेब से मोबाइल फोन बरामद किया। जिसके आधार पर मृतक की शिनाख्त सेक्टर-13-17 निवासी प्रॉपर्टी डीलर सुनील सलूजा के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद परिजन भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि सुनील सुबह सात बजे घर से निकले थे। इसके बाद उन्होंने तहसील कैंप में रहने वाली अपनी बहन को फोन कर आत्महत्या करने की सूचना दी थी और नहर में छलांग लगा दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया।
मृतक के बेटे रौनक सलूजा ने पुलिस को दी शिकायत बताया कि उनके पिता प्रॉपर्टी का काम करते थे। आठ सितंबर को थाना मॉडल टाउन क्षेत्र की फौजी कॉलोनी में प्रॉपर्टी विवाद में फायरिंग हुई थी। जिसमें धर्मराज, सुरेंद्र और संजय सैनी ने उनके पिता का नाम झूठा लिखवा दिया था। जिस समय वारदात हुई थी उस समय वह मौके पर भी नहीं थे। मुकदमे में नाम आने के बाद से ही वह तनाव में चल रहे थे। जिस कारण उन्होंने तनाव में आकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धर्मराज, सुरेंद्र और संजय के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
आठ सितंबर को दर्ज हुई थी एफआईआर : आठ सितंबर को मॉडल टाउन शांतिनगर निवासी धर्मराज ने मॉडल टाउन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उन्होंने वर्ष 2023 में सेक्टर 13-17 निवासी सुनील सलूजा व शांतिनगर निवासी तेजवीर के साथ मिलकर सिवाह के नजदीक डाडौला में चार एकड़ कृषि भूमि खरीदी थी। जिसके हिस्से कर आपस में बांट लिया था। लेकिन सुनील व तेजवीर और हिस्सा मांग रहे थे। सात सात सितंबर को आरोपियों ने उनके फौजी नगर निवासी प्लॉट पर गड़्ढे खोद दिए थे। आठ सितंबर को जब वह और उसका भाई सुरेंद्र गड्ढे भरवा रहे थे तो आरोपियों ने हमला कर दिया था। जिसमें गोली लगने से सुरेंद्र घायल हो गए थे। इस मामले में सुनील को भी आरोपी बनाया गया था।