पानीपत। छह दिन बाद शुक्रवार को अनाज मंड़ियों में धान की खरीद शुरू हो गई। किसानों को पहले ही दिन ही बड़ा झटका लगा। छह दिन इंतजार करने के बाद किसानों की धान को प्रति क्विंटल 200 से 500 रुपये कम रेट में खरीदा गया। रेट कम देखकर किसानों के आंसू निकल गए। किसान घाटे में धान बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। छह दिन बाद शुक्रवार को खरीद के पहले दिन पहले दिन किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। अकेले पानीपत अनाजमंडी में धान लाने वाले किसानों को लगभग 41 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि किसानों ने धान की खरीद शुरू होने के बाद राहत की सांस भी ली है लेकिन वो कम रेट मिलने से दुखी हैं।
धान की 1921 किस्म चार हजार रुपये प्रति क्विंटल बिकी। पहले इसका रेट 4500 रुपये था। धान की किस्म 1509 व 1692 शुक्रवार को 3250 रुपये खरीदी गई है, पहले इसका रेट 3450 रुपये था। धान की किस्म 1847 शुक्रवार को 2850 रुपये प्रति क्विंटल खरीदी गई। पहले इसका रेट 3050 रुपये था।
अनाज मंड़ी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान दिनेश भौक्कर ने कहा कि धान की खरीद शुरू होने से किसानों को राहत तो मिली है लेकिन कम रेट पर धान खरीदी गई है। इससे किसान परेशान है। धान की हर किस्म की धान पर रेट 500 रुपये से 200 रुपये प्रति क्विंटल कम मिल रहा है। सरकार को फसल की खरीद के वक्त ऐसे नियम लागू नहीं करने चाहिए जिससे खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो। उधर मार्केट सचिव आशा देवी ने कहा है कि शुक्रवार को धान की खरीद शुरू हो गई है। शुक्रवार को पानीपत अनाजमंडी से 10400 क्विंटल धान खरीदी गई है। धान की खरीद शुरू होने से किसानों को राहत मिली है। किसानों को मंडी में कोई परेशानी न हो इसका ध्यान रखा जा रहा है।