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सामान दिल्ली व अन्य जगहों से मंगाने से लेकर बेचने में आ रही समस्या

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चुलकाना रोड स्थित दुकानदारों को भी मंदी का सामना करना पड़ रहा है। चुलकाना रोड समालखा का काफी ज्यादा चलने वाला बाजार है। जिसमें सुबह और शाम दुकानदारों के पास भीड़ रहती थी, लेकिन महामारी इन दुकानदारों की दुकानदारी भी निगल गई, जिससे उनको दूसरी लहर के बाद सामान मंगाने से लेकर बेचने तक में परेशानी हो रही है। दिल्ली में भी बाजार मंदा होने के कारण सामान महंगा मिल रहा है और लोगों के लिए खरीदना मुश्किल हो रहा है।
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दुकानदारी हुई कम
हमारी किरयाना की दुकान है। दुकानदारी पहले से काफी कम हो गई है, ऊपर से माल महंगा हो गया है। मंदी का सामना करना पड़ रहा है। धीरे-धीरे महामारी से उभरना शुरू हुए हैं, फिर से लॉकडाउन लग गया तो पहले से ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
-रितिक, दुकानदार किरयाना स्टोर
दिनभर इंतजार करते हैं
महामारी से पहले हम सभी अपनी दुकानों में ग्राहकों को सामान बेचने में ही व्यस्त रहते थे। हमें खाने का भी समय नहीं मिलता था। अब दिन भर इंतजार करते हैं कि कोई ग्राहक आकर सामान खरीद ले। दुकानदारों को भी माल महंगा मिल रहा है, जिसकी वजह से दिक्कत आ रही है।
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- राजबीर सिंह, दुकानदार बाइक रिपेयरिंग
सरकार करे मदद
सरकार को लॉकडाउन के बाद अब हम व्यापारियों की मदद करनी चाहिए, ताकि सभी दुकानदार मंदी में भी दुकानदारी कर सकें। बिल जैसी चीजों में ही कुछ प्रतिशत छूट दे देनी चाहिए। अगर इसी तरह मंदी चलती रही तो दुकानदारों के लिए बहुत परेशानी खड़ी हो जाएगी।
- नरेंद्र, दुकानदार, बिजली
मिठाई की बिक्री भी घटी
मिठाई की दुकान है, हमारी दुकान पर पहले इस मौसम में घेवर व अन्य मिठाइयों की इतनी बिक्री थी कि शाम तक माल फिर से तैयार करवाना पड़ता था। लेकिन महामारी में लोग बाहर का खाने से थोड़ा परहेज कर रहे हैं, जिससे अब मिठाइयों की बिक्री में भारी कमी आई है।
- साहिल जावला, दुकानदार मिठाई
किताबें भी नहीं बिकी
जून-जुलाई के समय स्कूलों में नया सेशन शुरू हो जाता था, जिससे दुकान पर दिन भर किताब खरीदने के लिए विद्यार्थी अपने परिजनों के साथ आते रहते थे। लेकिन अब पढ़ाई ऑनलाइन होने के कारण न तो किताबें बिक रही हैं न ही स्टेशनरी का कोई और सामान।
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- अंकित गोयल, दुकानदार बुक डिपो
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