अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। रोडवेज के चक्का जाम के दौरान सवारियों को पहले ले जाने की जल्दबाजी में एक प्राइवेट बस चालक ने जीटी रोड टोल पर एक राहगीर युवक को कुचल दिया। बस के कुचलने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। चालक बस को छोड़कर मौके से फरार हो गया। शव की फिलहाल शिनाख्त नहीं हो पाई है। सेक्टर-छह चौकी पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव को शिनाख्त के लिए शवगृह में रखवा दिया है। वहीं चंडीगढ़ में सरकार व यूनियन के बीच वार्ता सफल होने के बाद रोडवेज यूनियनों ने चौथे दिन हड़ताल वापस ले ली। पानीपत डिपो से वीरवार शाम को ही बसें अपने-अपने मार्गों पर चली गई। रोडवेज कर्मियों के हड़ताल वापस लेने पर यात्रियों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों ने भी शुक्रवार से बसों को रूटों पर चलाने को लेकर देर रात तक बैठकर कार्य योजना तैयार की।
हरियाणा रोडवेज की सभी यूनियनों के आह्वान पर वीरवार को प्रदेशव्यापी हड़ताल का चौथा दिन रहा। यूनियन के मांगों पर अड़ने के चलते रोडवेज बसें नहीं चली। इनका फायदा प्राइवेट बस चालकों ने उठाना चाहा। इसी हड़बड़ाहट में एक निजी बस चालक ने जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा पर सड़क पार कर रहे करीब 25 साल के एक युवक को कुचल दिया। हादसा वीरवार सुबह जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा के पास करनाल-दिल्ली लेन पर हुआ। एक युवक पैदल ही लाइन पार कर रहा था। इसी समय करनाल की तरफ से आ रही एक प्राइवेट बस ने युवक को कुचल दिया।
यूनियन ने की सरकार विरोधी नारेबाजी
रोडवेज यूनियनों ने निजी परमिटों के विरोध में चौथे दिन भी हड़ताल जारी रखी और सुबह से लेकर शाम तक सरकार विरोधी नारेबाजी की। डिपो स्तर पर प्रदर्शनकारी चंडीगढ़ में चल रही बैठक की भी रिपोर्ट लेते रहे। वीरवार शाम को सरकार व यूनियनों की बैठक सफल होने के बाद यूनियनों ने हड़ताल वापस ली। हड़ताल वापस लेने की घोषणा के बाद शाम को ही रूटों पर बसें चल पड़ी। पानीपत डिपो से कटड़ा समेत अन्य लंबे मार्गों की बसों को रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि पानीपत डिपो को चार दिनों की हड़ताल के दौरान करीब 48 लाख का फटका लगा। वहीं हड़ताल के खत्म होने से यात्रियों ने भी राहत की सांस ली।
यूनियन ने कर्मचारियों की मांगों को बताया जायज
सर्व कर्मचारी संघ में प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजपाल सिंह, कर्मचारी महासंघ के प्रदेश महासचिव रणबीर सिंह, बीएमएस के डिपो प्रधान शमशेर सिंह ने कहा कि कर्मचारियों की मांगे जायज थी और सरकार निजी बसों को रोडवेज में थोपना चाहती थी। यूनियनों की एकता के चलते सरकार को पीछे हटना पड़ा। सरकार ने नई परिवहन नीति को खत्म करने और हड़ताल के दौरान सस्पेंड कर्मचारियों को बहाल करने का आश्वासन दिया है। कर्मचारी एकता की जीत के बाद कर्मचारियों ने डिपो में एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
यूनियनों ने प्रदर्शन कर जताया रोष
रोडवेज कर्मचारियों को समर्थन देने के लिए सर्व कर्मचारी संघ से संबंधित यूनियनें जीटी रोड स्थित नगर निगम कार्यालय में एकत्र हुई और बस अड्डे पर पहुंचे। जिला सचिव तेजपाल, रिटायर्ड कर्मचारी संघ सचिव भले राम शर्मा, सीटू से आनंद ज्वाहारा ने संयुक्त रूप से कहा कि निजी परमिट देना परिवहन सेवा की समस्या का हल नहीं है। मात्र 4 हजार बसें पौने तीन करोड़ आबादी के लिए पर्याप्त नहीं है, जिस समय हरियाणा का जन्म हुआ, उस समय लगभग 60 लाख जनसंख्या थी। उस समय लगभग 3400 बसें इस बेड़े में शामिल की गई थी, लेकिन बदलते समय के साथ 1966 से 2017 तक मात्र 600 बसें ही जोड़ी गई। जनसंख्या 60 लाख से 2 करोड़ 75 लाख हुई, लेकिन बसें 600 बढ़ी। जनसंख्या को देखते हुए लगभग बारह हजार बसें होनी चाहिए। अगर 6 हजार बसें रोडवेज बेड़े में शामिल होती है तो 36 हजार नई नौकरी सृजित होगी व 36 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। सरकार वास्तव में रोजगार नहीं देना चाहती और बड़े पूंजीपतियों को इस सेक्टर में लाकर मुनाफा कमाने का लाइसेंस देना चाहती है। कर्मचारियों ने रोडवेज के निजीकरण का विरोध किया।
सरकार द्वारा रोडवेज कर्मचारियों की मांगे मान ली है। मांगे माने जाने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल वापस ले ली है। चार दिन की हड़ताल के दौरान रोडवेज को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हड़ताल खत्म होने के बाद वीरवार रात से लंबे रूटों की बसों को निकाला जाएगा। शुक्रवार से सभी बसें अपने-अपने रूटों पर चलेंगी।
महताब सिंह खर्ब, जीएम, रोडवेज डिपो पानीपत
जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा के पास करनाल से पानीपत की तरफ आ रही एक निजी बस ने सड़क पार कर रहे युवक को कुचल दिया। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शव गृह में रखवा शव की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर, पानीपत।