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Panipat News: समागम की तैयारियां पूरी, सजने लगे बाजार

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समालखा। निरंकारी समागम को लेकर समालखा और पानीपत का बाजार सर्दी के मौसम में गर्म हो गया है। अनुयायियों के बाजार में पहुंचने पर कंबल व चादर के साथ अन्य उत्पादों की मांग एकाएक बढ़ गई है। इसके साथ व्यापारियों ने भी समालखा व समागम स्थल के आसपास बाजार सजाना शुरू कर दिया है। समालखा की सामान्य दुकानों में भी कंबल का काम शुरू कर दिया है।
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वहीं, अगले कई दिन बाजार में तेजी आने का अनुमान है। संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल भोड़वाल माजरी में 16 से 18 नवंबर को तीन दिवसीय समागम का आयोजन किया जाएगा। कई प्रदेशों से हजारों अनुयायी पहुंच गए हैं। अगले दो दिन में लाखों अनुयायी पहुंचने का अनुमान है।
समागम स्थल पर तैयारी पूरी कर ली गई है। अनुयायियों ने यहां आकर सुबह व शाम को सेवा कार्य के साथ स्थानीय बाजार में खरीदारी शुरू कर दी है। इसको लेकर बाजार में रौनक बन गई है।
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दुकानदार चांद ने बताया कि समागम में आए अनुयायी खरीदारी करने बाजार में आ रहे हैं। वे पानीपत के उत्पादों की अधिक खरीदारी करते हैं। इनमें कंबल, चादर, बाथमैट और अन्य उत्पाद हैं। स्थानीय बाजार में इनका स्टॉक पूरा है। इसके साथ दूसरे दुकानों ने भी सामान्य सामान बदलकर यही उत्पाद लाना शुरू कर दिया है। समागम स्थल के आसपास और भोड़वाल माजरी गांव ने भी बाजार का रूप ले लिया है।
अनुयायी बोले सेवा का मौका एक बार मिलता है
77वें निरंकारी संत समागम में आए महाराष्ट्र से सेवादार बाला साहेब, विजय, अमोल और गणेश ने बताया कि संत महात्माओं की सेवा का मौका एक बार मिलता है। इसलिए हमारे लिए महाराष्ट्र के चुनाव से ज्यादा यहां आध्यात्मिक स्थल पर सेवा करना ज्यादा जरूरी है। महाराष्ट्र के दो जिलों से 800 सेवादार यहां पर सेवा के लिए आए हैं। उनकी ड्यूटी रेलवे स्टेशन पर लगी है। ट्रेन से आने वाली संगत को निरंकारी आध्यात्मिक स्थल पर लगे उनके कैंप (टैंट) में छोड़कर आते हैं। उनके सामान के साथ सफाई की सेवा कर रहे हैं।


सुरक्षा चाक चौबंद
डीएसपी नरेंद्र कादियान ने बताया कि निरंकारी आध्यात्मिक स्थल व रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। वे दोनों स्थानों का जायजा लेकर व्यवस्था जान चुके हैं। अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। आध्यात्मिक स्थल पर सुरक्षा को लेकर मंडल के पदाधिकारियों से भी बात चल रही हैं।
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