पानीपत। ईद-उल-फितर पर सोमवार को नमाज अदा कर अमन और चैन की दुआ मांगी। शहर की 45 समेत जिले की लगभग 65 मस्जिदों और ईदगाह पर सुबह ही ईद की नमाज अदा की। समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी और पवित्र रमजान को खुशी से अलविदा कहा।
समुदाय के लोगों ने तड़के ही ईद के लिए पकवान बनाने शुरू कर दिए। इसके बाद ईद की नमाज अदा की। मस्जिद और ईदगाह में सामान्य दिनों से तीन गुना अधिक नमाजी पहुंचे। ईदगाह काॅलोनी स्थित ईदगाह के मौलवी मौलाना सादिक ने बताया कि शहर समेत जिले की लगभग 65 मस्जिदों और ईदगाह में सोमवार को नमाज अदा की गई। नमाजियों की सुविधा को देखते हुए नमाज का समय अलग-अलग रखा गया। इससे सभी ने अपने तय समय के अनुसार नजदीकी ईदगाह और मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ी।
गोसली मोहल्ला स्थित मस्जिद और ईदगाह कॉलोनी स्थित ईदगाह में सुबह आठ बजे नमाज अदा की गई। इमाम साहब, हाली कॉलोनी, कलंदर साहब दरगाह और सिवाह गांव स्थित मस्जिद में सुबह 8:30 बजे नमाज पढ़ी गई। समुदाय के लोगों ने नमाज अदा कर घरों में सामूहिक रूप से खाना खाकर पवित्र रमजान को अलविदा कहा। रोजा खोलने के बाद खाने में मुख्य रूप से खजूर, फलों का जूस, हल्का भोजन किया जाता है।
लोगों ने लगाया भंडारा
ईद-उल-फितर पर दरगाह कलंदर साहब में सुबह नौ बजे नमाज पढ़ी। समुदाय के लोगों ने अमन-चैन की दुआ कर दरगाह में खीर बांटी। समुदाय के लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर मुबारक दी। एडवोकेट इरफान अली ने ईद का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि इस दिन एक महीने के रोजे रखने के बाद ईद-उल फितर मनाते हैं। इसमें मीठी सेवियां व खीर आदि पकवान बनाते हैं। इस मौके पर दरगाह सेवक अबू हमजा राशिद, प्रधान अरशद मलिक, मौलवी जावेद, मोहम्मद रफीक मौजूद रहे।
ईद पर नमाज अता करते हुए। संवाद