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नेशनल और स्टेट हाईवे पर दो घंटे 57 मिनट तक रहा किसानों का कब्जा, आवाजाही थमी

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pradarsan - फोटो : Panipat
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तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान एवं मजदूर संगठनों ने पानीपत के तीन राज्य एवं एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवाजाही दोपहर 12 बजे रोक दी। पानीपत से न कोई चंडीगढ़ से आ सकता था न ही कोई पानीपत आ सकता था। रोहतक, जींद, दिल्ली, हरिद्वार, शामली, मेरठ, सोनीपत के लिए जाने वाले सभी रास्तों पर चक्का जाम कर दिया गया था। हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग-44 के पानीपत टोल पर किसानों ने तीन घंटे के चक्का जाम से तीन मिनट पहले ही चक्का जाम खत्म कर दिया। इसके पहले एक मिनट तक हार्न बनाया गया और तीन बजने से पहले ही वाहनों को रवाना कर दिया गया।
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पानीपत। दोपहर 12 बजते ही किसानों ने टोल प्लाजा पर ट्रैक्टर, ट्रक, कारें अड़ाकर रास्ता बंद कर दिया। राधास्वमी भवन से टोल के पार निकलने के रास्ते पर भी ट्रैक्टर अड़ा दिया गया। जिससे पानीपत से करनाल का मार्ग पूरी तरह से बंद रहे। किसानों के साथ ही मजदूर संगठनों ने चक्का जाम में पूरी तरह हिस्सा लिया। चक्का जाम करने के बाद सीटू कार्यकर्ताओं ने सभी किसानो को बताया कि एंबुलेंस और जरूरतमंदों को जाने दिया जाएगा, उनकी मदद की जाएगी। टोल पर करीब पांच सौ किसानों ने डेरा जमा लिया। महिलाएं, युवा, बच्चे सभी इसमें शामिल रहे।
चक्का जाम कर किसानों ने की नारेबाजी, बोले संयम से बड़े से बड़ा आंदोलन जीता जा सकता
इसराना। पानीपत-रोहतक राज्य राजमार्ग पर नौल्था गोशाला के सामने सैकड़ों की तादाद में पहुंचे किसानों ने शनिवार को चक्का जाम किया। दोपहर 12 बजते ही किसानों ने हाईवे पर जाम लगा दिया। तीन बजे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा। इस दौरान पानीपत की तरफ से दो व गोहाना की तरफ से आई एक एंबुलेंस को किसानों ने रास्ता देते हुए निकलवाया। हाईवे जाम करने में किसानों के साथ महिलाएं भी शामिल हुई। महिलाओं ने किसान आंदोलन पर गीत गाये व किसानों के साथ मिल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों ने गांव भालसी के पास जींद-पानीपत राज्य राजमार्ग- 14 पर चौधरी रणधीर सिंह भालसी के नेतृत्व में चक्का जाम किया। इसके साथ ही दिल्ली बार्डर पर चल रहे धरने में सहयोग देते रहने की शपथ ली। किसानो ने जैसे ही 12 बजे सड़क पर ट्राला अड़ाकर धरना शुरू किया तो पुलिस ने ट्रैफिक को शिव गोशाला से वाया थिराना, आसनकलां से डायवर्ट किया। इस अवसर पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार जयसिंह पुलिस बल के साथ तैनात रहे। इस मौके पर कई बार दोहराया गया कि कि कोई भी किसान किसी के बहकावे और आवेश में आकर सरकारी व गैरसरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाएगा। प्रेम सिंह भालसी, विनय गुप्ता, सतबीर देशवाल, बलवान सिंह, सूरत सिंह, बलबीर सिंह, मामन राम, कृष्ण देशवाल समेत सैकड़ों किसान मौजूद रहे।
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किसानों के समर्थन में चक्का जाम करने को लेकर शनिवार को कुछ लोगों ने बीडीओ कार्यालय के सामने जीटी रोड की दिल्ली लेन पर वाहनों को रोकते हुए जाम लगा दिया। करीब आधे घंटे तक जीटी रोड जाम रहा। शनिवार दोपहर को पुराने बस अड्डे पर किसान आंदोलन के समर्थन में कुछ लोग इकट्ठे हुए और उसके बाद नारे लगाते हुए सर्विस लेन से हथवाला रोड की तरफ निकल गए। इसके उपरांत उन्होंने बीडीओ कार्यालय के सामने चक्का जाम करते हुए वाहनों को रोक दिया। चौकी इंचार्ज राजकुमार भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को हटाते हुए ट्रैफिक सुचारु करवाया।
उग्र ाखेड़ी सनौली-मेन हरिद्वार रोड सड़क और डाडौला-रिसालू चौक पर किसानों ने तीन घंटे लगाया जाम
सनौली। किसानों और महिलाओं ने उग्राखेड़ी सनौली-मेन हरिद्वार रोड और छाजपूर-सिवाह रोड पर गांव डाडौला-रिसालू चौक पर तीन घंटे चक्का जाम किया। महिलाओं व किसानों ने कृषि कानून रद्द करने की मांग की। भारतीय किसान यूनियन के राज्य महासचिव चुहड़ सिंह रावल सहित अनेक किसान व छोटे-छोटे बच्चों सहित महिलाएं आसपास के गांवों से ट्रैक्टर में सवार होकर गांव उग्राखेड़ी में सनौली रोड व दूसरी ओर छाजपूर-सिवाह रोड पर गांव डाडौला-रिसालू चौक पर दोपहर 12 बजे सड़क पर पहुंच कर जाम लगा दिया। इस दौरान सडक के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
किसान यूनियन के आह्वान पर किसानों ने असंध रोड को विर्क नगर के पास 12 बजे से लेकर 3 बजे तक जाम रखा । जिसके कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई और पुलिस ने रूट डायवर्ट कर वाहनों को दूसरे रास्तों से निकलवाया। असंध रोड से सुबह के समय किसान ट्रैक्टर लेकर दिल्ली की ओर भी रवाना हुए। असंध नहर नाका इंचार्ज एसआई अतर सिंह ने बताया कि वाहनों को डायवर्ट का वैकल्पिक मार्गों से निकाला गया।
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