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पानीपत बिजली निगम में धांधलेबाजी पर बिजली मंत्री ने लिया संज्ञान

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गोहाना रोड स्थित बिजली निगम कार्यालय की सब डिवीजनों में बिजली कर्मियों की धांधलेबाजी, ड्रामें, धमकी और आरोप प्रत्यारोपों पर उच्च अधिकारियों की चुप्पी के बाद अब बिजली मंत्री रणजीत सिंह चौटाला ने खुद संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि अब सभी मामलों की जांच वे खुद करेंगे और उनकी जांच में जो कोई भी दोषी साबित मिलेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा। इसे लेकर वे जल्द ही अधिकारियों से भी जवाब तलब करेंगे, कि उन्होंने इतनों दिनों से चल रही सभी शिकायतों व मामलों पर क्या संज्ञान लिया है। वहीं, निगम के सुपरिटेंडेंट इंजिनियर जेएस नारा ने बताया कि एलएलवन भरने के बाद इसे छुपाया नहीं जा सकता, इस पर भुगतान करना ही पड़ता है। बाकी अन्य कारणों को उन्होंने विभाग की राजनीति करार दिया है।
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दूसरी तरफ मंगलवार को मॉडल टाउन के सीए आरआर वर्मा ने एसडीओ पर जेई पर एक बार फिर से गंभीर आरोप जड़े हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने पहली और पुरानी सीसीटीवी फुटेज को आरटीआई के माध्यम से निकलवा लिया था, लेकिन हालिया सीसीटीवी फुुटेज को एसडीओ ने मिलीभगत कर डिलिट करवा दिया है। उन्होंने इस वीडियो को सबूत के तौर पर जेई व एसडीओ के खिलाफ पेश करना था। जिसमें उन्हें मारने पीटने, टांग तोड़ने की धमकी के साथ जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।
सीए को ही थमा दिया लेटर
सीए ने एसडीओ पर मिलीभगत का आरोप लगते हुए कहा कि उनके द्वारा जेई से गलत तरीके से एलएलवन भरने जिससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है और उन्हें जान से मारने, पीटने की धमकी पर जेई के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाए उन्हें ही दोषी बनाने की कोशिश की जा रही है। एसडीओ ने उन्हें पत्राचार कर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने सरकारी दस्तावेजों को अखबार के माध्यम से छपवाकर गलत काम किया है। इसके लिए उन्हें 7 दिन में जवाब देने के लिए भी कहा गया है।
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जेई के पक्ष में उतरी यूनियन
मॉडल टॉउन सब डिविजन के जेई पर सीए द्वारा जान से मारने की धमकी व आरोप लगाए जाने के बाद मंगलवार एचएसबीडीए, डिपोल्मा इंजिनियर ऐसोएिसशन जेई के पक्ष आई है। यूनियन पदाधिकारियों ने मौके पर मामले की जांच पड़ताल की। इसमें एलएलवन में बिजली चोरी का केस है, पूरे सबूत भी हैं, इसे उच्च अधिकारियों को दिखाया गया है। कोर्ट ने भी इसी को आधार मानकर 50 प्रतिशत जुर्माना भरने के आदेश दिए हैं, इसकी एवज में 60 हजार रुपये का जुर्माना भी भरा जा चुका है। यूनियन पदाधिकारियों ने सीए के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि अगर ऐसा मनमुटाव होगा तो उसे आपस में सुलझाया जाएगा।
जेई वेद रिलीव, मॉडल टाउन डिविजन में ट्रांसफर
सनौली रोड सब डिविजन के जेई वीरेंद्र द्वारा दी गई शिकायतों और उन पर लगाए आरोपों के बाद एक्सईएन आदेशानुसार उन्हें सनौली रोड सब डिविजन से रिलीव कर मॉडल टाउन सब डिविजन में ट्रांसफर कर दिया गया है। अब उनकी जगह दूसरे जेई को कार्यभार सौंपा जाएगा।
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