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तीन दिन से बिजली गुल, नारेबाजी करते हुए अनिश्चित कालीन धरने पर बैठे ग्रामीण

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33केवी नारायणा पावर हाउस की बिजली सप्लाई तीन दिन बाद भी दुरुस्त नहीं हो सकी। तेज आंधी के कारण दो दर्जन से ज्यादा खंभे गिरने के कारण नारायणा पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले आधा दर्जन गांवों व खेतों की सप्लाई बंद हो गई थी। बिजली न होने से दुखी ग्रामीणों ने शनिवार को पावर हाउस पर पहुंचकर नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। जिससे अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए और उन्होंने एक सप्ताह के अंदर उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया है। नारायणा पावर हाउस के अंतर्गत ढोढपुर, नामुंडा, नारायणा, गवालड़ा, ढिंडार आदि गांवों सहित खेतों की सप्लाई आती है। वीरवार रात करीब आठ बजे तेज आंधी के कारण 33केवी के तीन खंभों के अलावा दो दर्जन से अधिक अन्य एचटी व एलटी के खंभे व तारें टूट गई थी। जिससे पावर हाउस से बिजली सप्लाई ठप हो गई। विभाग के कर्मचारी सप्लाई सुचारू करने में लगे रहे, लेकिन उन्हें आंशिक सफलता ही मिली। नारायणा गांव की सप्लाई शनिवार सुबह चालू हो सकी। जबकि खेतों की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी। समस्या के बावजूद भी शनिवार को लेबर दोपहर ढाई बजे पहुंची। इससे ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने पावर हाउस पहुंचकर नारेबाजी करते हुए अपनी भड़ास निकाली। ग्रामीण रोष व्यक्त करते हुए वहीं अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए।
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ईश्वर, रजनीश, रवि, आनंद, महिपाल, कुलबीर, रमेश, ओमकार, रणबीर, कुलदीप, विकास, जितेंद्र, गोपाल, पासा, सुरजीत, सतीश, अरविंद, वीर सिंह आदि ने बताया कि पीने के पानी की समस्या पैदा हो गई है और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी नहीं हो पा रही। बिना बिजली के घरेलू कार्य बाधित हो रहे हैं। वहीं खेतों में धान बिना सिंचाई के सूखने के कगार पर है, लेकिन बिजली विभाग के अधिकारी उनकी एक नहीं सुन रहे। उन्होंने मांग करते हुए का कि 33केवी नारायणा पावर हाउस में 24 घंटे बिजली रहे। गांव की सप्लाई पर खेत के ट्यूबवेल के कनेक्शन न दिए जाएं।
बिजली अधिकारियों को दी चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वे बिजली विभाग के अधिकारियों का घेराव करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। ग्रामीणों के धरने के बाद विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। कार्यकारी अभियंता अनिल नागर, एसडीओ रवि कुमार, जेई कुलदीप, जेई योगेश, अशोक व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे। कार्यकारी अभियंता अनिल नागर ने आश्वासन दिया कि सप्ताह के अंदर उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। उसके उपरांत ही ग्रामीणों ने धरना समाप्त किया।
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