समालखा। सालों से खस्ताहाल समालखा रेलवे रोड की बार बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन ने इसकी सुध नहीं ली लेकिन बुधवार को सीएम के रोड शो से चंद घंटे पहले ही अधिकारियों ने रेलवे रोड के सभी गड्ढों पर पैच वर्क लगवा दिए। करीब आठ सौ मीटर के रेलवे रोड पर जगह जगह गड्ढे बने हुए थे। जिनमें रोजाना लोग गिरकर चोटिल हो रहे थे लेकिन इनको तुंरत पैच लगाकर भरवाया गया। प्रशासन का ये नाटकीय प्रकरण समालखा के लोगों में सुर्खियां बटोरने लगा। लोगों ने कहा कि सरकार और प्रशासन को अब याद आई जब खुद सीएम इस रोड पर अपना रोड शो निकाल रहे थे। अगर ऐसा है तो सीएम को हर उस रोड पर लेकर जाना चाहिए जहां गड्ढे बने पड़े हैं, लेकिन अधिकारी लोगों की सुनवाई नहीं करते।
गौरतलब है कि समालखा का रेलवे रोड शहर के मुख्य रास्तों में से एक है। यहां हर मीटर दो मीटर पर एक गड्ढ़ा मिलना आम बात है। बारिश के समय इन गड्ढों में पानी भर जाता है। जो राहगीरों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनता है। शहर के लोगों ने कई बार प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नेताओं को इनको भरने की गुहार लगाई लेकिन इनकी मरम्मत नहीं हो सकी। सीएम का नाम सुनते ही दलबल मौके पर पहुंचा और गड्ढों में पैच लगाने का काम शुरू कर दिया।
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आचार संहिता का जमकर उल्लंघन
सीएम के रोड शो में खुलकर आचार संहिता का उल्लंघन किया गया। स्थानीय नेताओं ने सीएम को रिझाने के लिए खुलेआम पोस्टर बैनर और फ्लैक्स लगवाए। रेलवे रोड से लेकर जीटी रोड पर ये बैनर हर खंभे पर लगाए गए थे। सीएम के आने से चंद घंटे पहले तक पोस्टर बैनर लगाने का काम जारी रहा। एक एक बिजली के खंभे पर दो से चार तक पोस्टर बैनर लगाए गए। पूरा शहर पोस्टर बैनरों से ढक दिया गया। दूसरी ओर जिला प्रशासन बार-बार आचार संहिता की राजनीतिक दलाें को दुहाई देता रह गया, लेकिन सीएम के रोड शो के सामने प्रशासन भी मौन दिखा। समालखा से एक नहीं बल्कि दस से भी ज्यादा नेताओं ने अपने पोस्टर बैनर खंभों पर लटका दिए।