पानीपत। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रदेश स्तरीय तीज महोत्सव में पानीपत की धरती पर महिलाओं के लिए तीन बड़ी घोषणाएं की। सेक्टर-13-17 के इसी स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। इससे पहले यहीं पिंकाथन दौड़ कराई गई थी। राज्य स्तरीय महोत्सव में प्रदेशभर से 50 हजार से अधिक महिलाओं के भाग लेने का दावा किया गया। कहा गया कि इस रिकॉर्ड को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बेचने के लिए साझा बाजार की कल्पना पर जिलों में 50 से 100 पोटा केबिन स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह अपने उत्पाद के लिए पोटा केबिन को प्रतिदिन के हिसाब से बुक करा सकेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना में राशि को 31 रुपये से बढ़ाकर 41 हजार रुपये करने की घोषणा की। सीएम ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में सरकारी व निजी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में महिलाओं के लिए डिग्री कॉलेज की अनुमति दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय में हरियाणा को बेटियों को मारने वाला राज्य माना जाता था। यह प्रदेश के लिए बड़ा कलंक था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पानीपत की धरती से 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संकल्प लिया था। प्रदेश सरकार ने संकल्प पर कार्य किया और आज प्रदेश में लिंगानुपात 927 पहुंच गया है। पहले यह 871 था। उन्होंने कहा कि सरकार ने पंचायतों में 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व महिलाओं के लिए तय किया है। इन नौ वर्षों में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी ठोस प्रयास किए हैं। हर 20 किलोमीटर के दायरे में कॉलेज शुरू किए हैं। प्रदेश में 76 नए राजकीय कॉलेज खोल गए हैं। इस मौके पर करनाल लोकसभा सांसद संजय भाटिया, राज्यसभा सांसद कृष्णलाल पंवार, महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष सुनीता डांगी, शहरी विधायक प्रमोद विज, मेयर अवनीत कौर, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता, जिला परिषद की अध्यक्ष ज्योति शर्मा, उपायुक्त वीरेंद्र कुमार दहिया, एसपी अजीत सिंह शेखावत आदि मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने झूलों पर झूल रहीं महिलाओं से तीज के बारे में बात की व उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान एक नन्ही बच्ची से बात की व उसे दो बार झूला झुलाया। इस बीच बूंदाबांदी शुरू हो गई। सीएम ने इसे महिलाओं की शक्ति बताया। महोत्सव में मेरा नो डांडी का बिजणा, झूला झूलूं हे मां मेरी एए बाग में की... स्वर लहरी से पंडाल गूंजता रहा। हरियाणा की संस्कृति से जुड़े गीत झूलों में अपनी पहचान को तरोताजा कर रहे थे।
सरकारी स्तर पर मनाए गए पहले तीज महोत्सव में 101 महिला अचीवर्स को सम्मानित किया गया। महिलाएं यहां पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचीं और मुख्य पंडाल के साथ ही 101 से ज्यादा रंग बिरंगे झूले लगाए। यहां हरियाणवी पोशाकों में महिलाओं ने तीज के गीत गाए। महिलाओं के लिए शुरू में सरकारी योजनाओं की एक प्रदर्शनी दिखाई गई। हरियाणा लोक कला संघ की विरासत प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। मुख्यमंत्री का 100 साल पुराने हरियाणवी एंटिक्स और पारंपरिक चादर देकर स्वागत किया। लोक कलाओं में माहिर महिलाओं के उत्पाद की प्रदर्शनी भी लगाई। समारोह में देसी खान पान को अनूठे ढंग से प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने उत्सव में पहुंची प्रत्येक महिला को कोथली दी। इसमें अलग-अलग जिलों के प्रसिद्ध सामान शामिल थे।