फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लकी बना भाजपा का टिकट, पहली बार में ही मंत्री

Thu, 23 Jul 2015 11:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
विज्ञापन
विज्ञापन
राजनीति के अनुभवी खिलाड़ी इसराना विधायक कृष्णलाल पंवार के लिए भाजपा का टिकट लक्की साबित हुआ। उन्होंने पहली बार भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर कड़े मुकाबले के बीच कांग्रेस के बलबीर वाल्मीकि और इनेलो के बलवान वाल्मीकि को चित्त किया और अब पहले ही झटके में कैबिनेट मंत्री की कुर्सी हासिल कर ली। वे इससे पहले चार बार इनेलो से विधायक रहे, लेकिन काबिलियत होने के बाद भी उनको हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन में ही संतुष्टि करनी पड़ी।
विज्ञापन


कृष्ण लाल पंवार थर्मल में साधारण से कर्मचारी थे और यहां वे यूनियन में सक्रिय रहे। पंवार ने यहीं से राजनीति की शुरुआत की और कुछ ही दिनों सक्रिय राजनीति का हिस्सा बन गए। उनको 1991 में पहली बार जनता दल से असंध, करनाल सीट से विधानसभा का प्रत्याशी घोषित किया।

वे पहली बार में ही असंध से विधायक बन गए। कृष्णलाल पंवार ने इसके बाद 1996 और 2000 में इनेलो के टिकट पर असंध से चुनाव लड़ा और वे दोनों बार विधायक बने। वे 2009 में इनेलो के टिकट पर इसराना से प्रत्याशी बने और यहां पर भी विधायक बने और फिर 2014 में इनेलो का टिकट नहीं मिला और वे भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उनको इसराना से टिकट दिया और वे भाजपा की टिकट पर भी जीत कर आगे आए।
विज्ञापन


कई बार नाम उछला पर कुर्सी नहीं मिली
कृष्णलाल पंवार का इनेलो राज में कई बार नाम उछला, लेकिन उनके हाथ से हर बार कुर्सी छूट गई। उनका वर्ष 2000 में प्रदेश में चौटाला सरकार बनने पर कृष्ण लाल पंवार का नाम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए चर्चा में आया, लेकिन पंवार के आगे उनकी शिक्षा रोड़ा बन गई। उनको एलएलबी की डिग्री न होने पर कुर्सी नहीं मिल सकी। इसके बाद पंवार का नाम चौटाला सरकार में मंत्री पद के लिए भी उछला। यहां मुन्नीलाल रंगा की वरिष्ठता उनके आड़े आई। उनको बाद में हाउसिंग बोर्ड का चेयरमैन बनाया गया।

भाई और परिवार की आंखों में थे आंसू
कृष्णलाल पंवार के कैबिनेट मंत्री की शपथ लेने के दौरान भाई और परिवार के सदस्यों की खुशी के आंसू निकल आए। राज्यपाल भवन में कृष्णलाल पंवार के भाई रोहताश पंवार, पंवार के दोनों बेटे अनिल पंवार और सुनील पंवार भी पहुंचे। वहीं उनकी पत्नी होशियारी देवी की खुशियों का भी ठिकाना नहीं रहा। होशियारी देवी ने बताया कि वह उनके मंत्री बनने की खुशी शब्दों में बयान नहीं कर सकती।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें