पानीपत। गांव डाहर में बनी नई शुगर में जांच पड़ताल करने पहुंचे पानीपत एसपी शशांक कुमार सावन अधिका?
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पानीपत। जहरीली शराब से चार की मौत के बाद पुलिस और एक्साइज विभाग की टीम ने दो साल से बंद पड़ी डिस्टलरी को खंगाला, हालांकि मौके से जांच टीम को ऐसे कोई ठोस सबूत नहीं मिले जो ये सिद्ध कर सके कि मृतक कर्मचारियों ने शराब, कच्ची शराब या स्प्रिट शुगर मिल की डिस्टलरी से निकालकर पीया हो।
दरअसल, जहरीली शराब पीने से मरने वाले चारों युवक गांव डाहर स्थित नई शुगर मिल में उत्तम सुक्रोटेक कंपनी में सफाई कर्मचारी थे। इनमें से एक युवक पुरानी शुगर मिल की डिस्टलरी में काफी पहले काम कर चुका था। इसी डिस्टलरी में शराब बनती थी, जिसमें आज भी करीब 385 पेटी शराब सील पड़ी है। हालांकि ये शराब तालों में बंद है, जिसे एक्साइज विभाग ने एनजीटी के निर्देशों पर दो साल पहले जुलाई 2020 में सील कर दिया था। इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी एक्साइज के पास है। यहीं पर शराब बनाने में प्रयोग होने वाला स्प्रिट हुआ करता था। जब चारों लोगों की मौत की सूचना मिली तो पड़ताल में शक की सूई शुगर मिल की डिस्टलरी की ओर घूमी। जांच अधिकारियों को शंका हुई कि कहीं उक्त कर्मचारी ने शुगर मिल से पुरानी शराब या शराब बनाने में प्रयोग होने वाला स्प्रिट तो नहीं पीया है। इसकी जांच को लेकर मॉडल टाउन पुलिस और एक्साइज विभाग के अधिकारी पुरानी शुगर मिल की बंद पड़ी डिस्टलरी में पहुंचे। यहां बारीकी से जांच की गई।
पुलिस अधीक्षक शशांक कुमार सावन भी सीआईए टीम के साथ गांव डाहर स्थित नई शुगर मिल पहुंचे। यहां से चारों कर्मचारियों का रिकॉर्ड लिया और शुगर मिल में आने वाले केमिकल पर अफसरों से पूछताछ की। इसके बाद यहां सीपी केमिकल के दो सैंपल भरने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी ओर सोनीपत में बरामद बताई जा रही शराब को जांच के लिए लैब भेजा गया है। हालांकि अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है कि मरने वालों ने जहरीली शराब, कच्ची शराब, स्प्रिट था या अन्य कोई केमिकल पीया था।
नरेंद्र और बंटी भी नहीं बता सकता शराब पी या कुछ और
पुलिस ने गांव बुड़शाम के नरेंद्र और शामड़ी के बंटी से पूछताछ की तो वे भी नहीं बता पाए कि शराब पी या कुछ और। नरेंद्र ने कहा कि उसे नहीं पता क्या था, उधर बंटी का कहना है कि अजय और सुनील ही लेकर आए थे, जिसे शराब समझकर पीया। उन्होंने बताया था कि ये बिना महक वाली शराब है, जिसे पीने के बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी।