दलित समाज के लोग प्रशासन और पुलिस के खिलाफ शिकायत लेकर वीरवार को लघु सचिवालय में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह के सामने फरियाद लेकर पहुंचे।
लोगों ने पुलिस और प्रशासन पर दलित समाज को और परेशान करने का आरोप लगाए। लोगों ने ईश्वर सिंह से गुहार लगाई की उन्हें जल्द से जल्द न्याय दिलाए जाए। कार्यक्रम में डीसी समीरपाल सरो, एसपी राहुल शर्मा, एडीसी सुजान सिंह और विधायक इसराना कृष्णलाल पंवार मौजूद थे।
किवाना निवासी एक महिला ने ईश्वर सिंह के सामने गांव के ही गुर्जर समाज के गुलाब के खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई। उसने बताया कि घटना मई है। वह घास लेकर अपने घर जा रही थी। उसके साथ में उसकी छोटी बहू भी थी।
रास्ते में गांव का ही एक व्यक्ति मिल गया। उसने उसके कपड़े फाड़ दिए और बदसलूकी की। इसकी शिकायत एसपी और डीएसपी से भी कर चुके हैं। लेकिन डीएसपी बोलते हैं कि जहां जाना है जाओ। महिला ने बताया कि उसका बेटा जब शिकायत लेकर थाने में गया तो थानेदार ने उसके बेटे को थप्पड़ मारकर बाहर निकाल दिया।
गंगापुरी रोड वाल्मीकि बस्ती निवासी अजय ने ईश्वर सिंह से गुहार लगाई कि पुलिस उसके साथ ज्यादती कर रही है। पुलिस उसे डकैती के मामले में फंसाना चाहती है। उसने बताया कि मामला दिसंबर 2014 का है।
उसने बताया कि जिस शख्स के यहां लूट की वारदात हुई उससे मुझे कुछ पैसे लेने थे। लेकिन वे पुलिस का मुखबिर था। पुलिस को असली आरोपी तो मिले नहीं। इसलिए मुखबिर के कहने पर फंसा दिया। मेरा कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। फिर भी फंसाया जा रहा है। अजय ने बताया कि मेरी चार बेटियां हैं।
मैं तो साफ सफाई का कार्य करके घर चलाता हूं। इस पर ईश्वर सिंह ने उसे दिल्ली आने के लिए कहा।
गांव नौल्था निवासी महावीर ने बताया कि पिछली सरकार ने गरीब लोगों के लिए 100-100 वर्ग गज प्लॉट की योजना निकाली थी। लेकिन ये प्लॉट आज तक गरीबों को नहीं मिल पाए हैं।
जमींदारों ने गरीब और दलितों के प्लॉट पर कब्जे कर रखे हैं। कई बार पुलिस से शिकायत करने के बाद भी आज तक ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं है। महाबीर ने बताया कि गांव के ये लोग हमें धमकाते और डराते हैं। जान से मारने की धमकी भी दी गई है। हमने कई बार पुलिस को भी बताया है फिर भी पुलिस की ओर से आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इधर एक वार्ड की पार्षद के पति भी ईश्वर सिंह के सामने शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मार्च में उसकी भतीजी के साथ दुराचार हुआ था। दुराचार करने वाला जाट था। पुलिस ने काफी चक्कर कटाने के बाद शिकायत दर्ज की।
आरोपी जेल भी चला गया। लेकिन झूठे तरीके से आरोपी को नाबालिग करार दिलाकर जेल से छुड़ा लिया। जेल से आने के बाद आरोपी लगातार उन्हें डराता है और धमकाता है। पार्षद पति राजवीर ने बताया कि दो बार एफआईआर भी दर्ज करा चुके हैं। लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।