पानीपत। तीन नए आपराधिक कानूनों की जानकारी देने के लिए जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पुलिस ने प्रवेश द्वारा पर प्रदर्शनी लगाई। लोगों को तीनों नए कानूनों की जानकारी से अंकित पंपलेट वितरित किए। कार्यक्रम में यह मुख्य रूप से आकर्षण का केंद्र रहा।
पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने नए कानून व उसमें हुए बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि नए कानूनों में दिए गए प्रावधानों में प्रत्येक कार्रवाई के लिए निश्चित समय सीमा निर्धारित की गई। पुलिस को शिकायत मिलने के तीन दिन के अंदर एफआईआर दर्ज करनी होगी। जिन केसों में तीन से सात साल सजा का प्रावधान है। उन केसों में थाना प्रभारी, उप पुलिस अधीक्षक अथवा उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेकर एफआईआर दर्ज करने से पहले 14 दिन के भीतर प्रारंभिक जांच कर सकते हैं। प्रारंभिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज करनी होगी। एफआईआर दर्ज करने के बाद पीड़ित को मुकदमे की प्रगति बारे एसएमएस या अन्य इलेक्ट्रोनिक्स माध्यमों द्वारा 90 दिनों के अंदर अंदर जानकारी प्रदान की जाएगी। ट्रायल कोर्ट को हर फैसला अधिक से अधिक तीन साल में देना होगा। महिला विरुद्ध अपराध से संबंधित मामलों में 60 दिन के अंदर अंदर जांच पूरी कर न्यायालय में चालान पेश करना होगा। दोषी द्वारा चालान की प्रति प्राप्त करने उपरांत 60 दिन के अंदर अंदर न्यायालय में चार्जशीट करना अनिवार्य होगा। नए कानून के तहत पुलिस संगीन मामलों में अब 60 दिन के अंदर दोबारा से रिमांड ले सकती है। संगीन मामलों में पुलिस अब आरोपियों को हथकड़ी लगाकर भी न्यायालय में पेश सकती हैं। नए कानून में छोटे अपराध जिनमें तीन वर्ष से कम की सजा है, उनमें आरोपी यदि 60 वर्ष से अधिक आयु का है तो उसकी गिरफ्तारी के लिए उप पुलिस अधीक्षक या उससे वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति लेना अनिवार्य है।