आरोपी पूनम और उसका पति नवीन
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पति की जुबानी और पुलिस की कहानी
भावड़ गांव के नवीन ने बताया कि उसकी पत्नी पूनम अपनी मां से लंबे समय तक बात करती रहती थी। वह योजना बनाकर बच्चों की हत्या को अंजाम दे देती थी। बड़े ही शातिर अंदाज में खुद को बचा लेती थी। इशिका और शुभम की हत्या के महीनों तक अंदर कुछ और होने का नाटक करती रही। उस समय उनको भी उसको कुछ होने का अंदेशा लगा। अब पता चला कि यह सब कहानी थी और हत्या छिपाने के लिए करती थी। उसने इशिका के साथ अपने खुद के बेटे की भी हत्या कर दी। वह उसे चंडीगढ़ व जींद में चिकित्सकों के पास भी लेकर गया। चिकित्सकों ने भी बेटे की मौत का सदमा होना ही बताया।
एसपी ने पहले दिन ही कहा साइको, लेकिन जांच नहीं कराई
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने विधि और बाकी तीन बच्चों की हत्या का खुलासा तीन दिसंबर को किया था। उन्होंने पूनम को साइको बताया था और सुंदर बच्चियों से चिड़ होने की बात कही थी। पुलिस को इतना कुछ पता होने के बाद उसके साइको होने के कारण तक नहीं पहुंच पाई। इस वारदात के खुलासे के बाद मनोचिकित्सक से उसकी जांच कराना भी उचित नहीं समझा और पूनम को सीधे कोर्ट में पेश कर दिया। पुलिस ने कोर्ट में भी बताया कि पुलिस ने विधि की हत्या में सभी साक्ष्य होने की बात कही। पूनम अब सिवाह गांव स्थित जेल में बंद है।
पूनम से पूछताछ में विधि की हत्या की वारदात का खुलासा कर दिया था। नौल्था गांव में विधि के मामले में सभी साक्ष्य जुटा लिए हैं। सिवाह गांव में जिया की हत्या के मामले में प्रोडक्शन वारंट पर लिया जाएगा।- भूपेंद्र सिंह, एसपी, पानीपत।