हैंडलूम और टेक्सटाइल में पूरे विश्व में डंका बजाने वाले शहरवासी पानीपत को स्मार्ट सिटी में बनाने तो पिछड़े की थे, वे साथ में अपनी सुरक्षा के मामले में भी फिस्सडी हैं। वे मोटा लेन-देन हो या फिर, अपने किराएदारों व नौकरों तक भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा रहे।
यहीं नहीं दो-चार दिन या सप्ताह-दस की आउटिंग में भी अपने पास पड़ोस व संबंधित थाना चौकी पुलिस को किसी तरह की सूचना नहीं दे रहे। पुलिस अधीक्षक ने शहरवासियों की यहीं अनदेखी लूट व चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली माना है। गुड़गांव व पंचकुलावासियों के रहन-सहन व खानपान की रीस करने वाले पानीपतवासी अपनी सुरक्षा में पीछे हैं।
पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा रविवार को इस तरह की लापरवाही से बढ़ने वाली वारदातों को रोकने के लिए बाहर निकले। उन्होंने शहरवासियों से इस तरह की लापरवाही न बरतने की मांग की और पुलिस का हर संभव सहयोग करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस कोंबिंग चलाएगी और कॉलोनियों व दूसरे जगह रहने वाले किराएदारों की पहचान करेगी।
लापरवाही व भेद देने पर गई व्यापारी प्रदीप की पत्नी की जान
पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने बताया कि मैन बाजार निवासी प्रदीप की पत्नी मिनी गुप्ता की हत्या व घर में डकैती की वारदात इसी अनदेखी के चलते हुई। उन्होंने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि मिनी गुप्ता फेरी वाले से कपड़े लेती थी। वह उसके सामने ही अलमारी से पैसे निकालती थी और उसके सामने ही चाबियों को सुरक्षित स्थान पर रख देती थी। आरोपी दानिश की पैसों को देखकर नीयत डगमगा गई और मकान का पूरा भेद लगाकर यूपी में अपने साथियों से संपर्क साधकर डकैती की वारदात को अंजाम दे दिया।
पुलिस को सूचना देने पर नहीं लगता कोई चार्ज
पुलिस अधीक्षक राहुल शर्मा ने बताया कि किसी तरह के लेन-देन या मकान छोड़कर जाने पर संबंधित थाना व चौकी पुलिस को सूचित करना चाहिए। इसमें पुलिस द्वारा कोई चार्ज नहीं लिया जाता। पुलिस ऐसी जगह पर गश्त बढ़ा देती है और आसपास के लोगों को भी नजर रखने की कहती है। इसके अलावा किराएदारों व डोमेस्टिक कर्मी रखने के लिए पुलिस वेरिफिकेशन में भी किसी तरह का चार्ज नहीं है।
ये करना होगा
शहरवासियों को अपने जान व माल की सुरक्षा को लेकर अपने किराएदारों व संबंधित नौकर व ड्राइवर की पुलिस वेरिफिकेशन करानी होगी। इसके लिए उनको संबंधित व्यक्ति के तीन-चार अलग-अलग पोज में फोटो और उसके द्वारा दिया गया पूरा पता संबंधित थाना व चौकी पुलिस को देना होगा। इसके आगे पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस इसके लिए संबंधित प्रदेश व जिला की पुलिस से संपर्क साधकर उसके बारे में पूरी जानकारी पता लगाएगी। इससे चोरी व लूट जैसे अपराध भी कम होंगे।
इन चार प्वाइंट में लापरवाही हमारी जान व माल के दुश्मन
नंबर एक
जान ना पहचान, लेकिन भेद सारा
कहते ही घर का भेदी लंका ढहाए। हमारे शहर व जिले के लोग इसी तरह की अनदेखी बरत रहे हैं। वे किसी भी व्यक्ति के सामने लेन-देन कर लेते हैं और उनको अपने घर का पूरा भेद दे देते हैं। म्यूजिक टीचर मिनी गुप्ता ने भी इसी तरह की लापरवाही बरती और एक फेरीवाले को अपने घर में बैठना शुरू कर दिया।
नंबर-दो
नहीं करा रहे किराएदारों व नौकरों की पहचान
शहरवासी अपने किराएदारों व डोमेस्टिक नौकरों की पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करा रहे। उनकी यहीं अनदेखी एक दिन भारी पड़ती है। कई वारदातों में नौकर व नौकरानियों का हाथ मिलता है। पुलिस इसको लेकर अभियान भी चलाती है, लेकिन शहरवासियों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। यहां पर पुलिस भी कुछ ढीली पड़ जाती है।
नंबर-तीन
बड़े लेन-देन में नहीं पुलिस को कोई सूचना
औद्योगिक नगरी में पैसों का मोटा लेन-देन हर रोज होता है, लेकिन शायद ही कोई इसकी पुलिस को सूचना देता हो। वे सब चोरी छीपे करना पसंद करते हैं। उनकी यह भी बड़ी अनदेखी है और लूट की वारदातों को बढ़ावा दे रही है। गत वर्ष संजय चौक पर लूट की एक बड़ी वारदात का यही कारण रहा था। बदमाश दिनदहाड़े लाखों की नगदी लूट ले गए थे।
नंबर-चार
आउटिंग पर जाएंगे पर किसी को सूचित नहीं करते
शहरवासी दो-चार दिन या सप्ताह-दस दिन की आउटिंग पर चले जाते हैं, लेकिन वे अपने दूध व अखबार वाले को तो दूर पड़ोसी को भी इसकी जानकारी देना मुनासिब नहीं समझ रहे। चोर मकान के गेट पर कई से पड़ा अखबार या परिसर में पड़ी दूध की थैलियों को देखकर पूरा आंकलन कर लेते हैं और एक झटके में चोरी की वारदातों को अंजाम दे जाते हैं। शहर में आए दिन चोरी की वारदात हो रही हैं। दो-चार वारदातों को छोड़कर अधिकार वारदात इसी तरह की अनदेखी का नतीजा है।
पुलिस के जिले में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध हैं। लोगों को अपनी सुरक्षा को लेकर खुद गंभीर होना होगा। उनके साथ देने पर पुलिस ने उनकी जान व माल की हिफाजत रख सकती है। लोगों को मोटे लेन-देन की जानकारी देने के साथ किराएदारों व नौकरों की पुलिस वेरिफिकेशन करानी चाहिए। इसके अलावा घर से बाहर जाने पर पास पड़ोस के व्यक्ति या संबंधित थाना पुलिस को सूचित कर जाएं। पुलिस इस तरह से सुरक्षा के प्रबंध कर लेगी।
राहुल शर्मा, एसपी पानीपत