पानीपत जिले में डेंगू होने पर मरीजों के प्लेटलेट्स की जांच के लिए दिल्ली या करनाल नहीं जाना पड़ेगा और न ही वहां सैंपल ले जाने और रिपोर्ट लाने की चिंता रहेगी।
जिला प्रशासन ने इसे देखते हुए सिविल अस्पताल में मशीन लाने की दिशा में कदम उठा दिया है और उपायुक्त ने प्लेटलेट्स की कंपोनेंट सेपरेटर मशीन को खरीदने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। यहीं नहीं, स्वास्थ्य विभाग को लाइसेंस की स्वीकृति की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
मौसम बदल गया है और बीमारी आने की संभावना भी बढ़ गई है। ऐसे में डेंगू जिले निवासियों और स्वास्थ्य विभाग के लिए सबसे गंभीर चिंता का विषय बन जाता है।
जिला प्रशासन ने इसको देखते हुए पहले ही कमर कस ली है और स्वास्थ्य विभाग को कंपोनेंट सेपरेटर मशीन खरीदने की परमिशन दे दी है।
उपायुक्त अजीत बालाजी जोशी ने बताया कि इसके बाद जिले के ऐसे संदिग्ध मरीजों को प्लेटलेट्स के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़ेगा। कंपोनेंट मशीन रेडक्रॉस के माध्यम से जिले में लाई जाएगी। इसकी कीमत करीब 50 लाख रुपये होगी।
उन्होंने बताया कि इससे पहले रोगियों को प्लेटलेट्स लेने के लिए दिल्ली की तरफ जाना पड़ता था और रोगियों को आठ से 13 हजार रुपये चुकाने पड़ते थे।
अब यही प्लेटलेट्स रेडक्रॉस के ब्लड बैंक में तीन सौ से 350 रुपये में उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि इस मशीन के आने से जिले में ही नहीं अपितु राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य जगहों पर नजदीक पड़ने वाले जिले के लोगों को भी फायदा होगा।
जोशी ने बताया कि इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के पास मंजूरी लेने की प्रक्रिया बाबत पत्र भेजा गया है। इसकी मंजूरी आते ही मशीन को स्थानीय रेडक्रॉस ब्लड बैंक में स्थापित किया जाएगा।
डीसी अजीत जोशी ने बताया कि इसके साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग को डेंगू व मलेरिया की रोकथाम के लिए विशेष हिदायतें भी दी गई हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के स्वास्थ्य के प्रति जिला प्रशासन बेहद गंभीर है। इसके लिए कारगर उपाय किए जा रहे हैं।