पानीपत। गौतमबुद्धनगर के अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार मिश्रा की कोर्ट ने सीमा हैदर के मामले में याचिका स्वीकार कर ली है। सीमा हैदर के पाकिस्तानी पति के वकालतनामे पर पानीपत के वकील मोमिन मलिक ने यह याचिका दायर की थी। जिसमें सीमा हैदर का भारत आना और बिना धर्म परिवर्तन सचिन के साथ शादी करने को गलत करार दिया है। कोर्ट इस मामले में जल्द ही सुनवाई शुरू करेगा।
जिला कोर्ट पानीपत के एडवोकेट मोमिन मलिक ने बताया कि सीमा हैदर ने पहले खुद को पाकिस्तानी के सिंध प्रांत जेखमाबाद थाना निवासी गुलाम हैदर की पत्नी बताया था। पुलिस बयान में भी यही लिखवाया था। जमानत में भी खुद को गुलाम हैदर की पत्नी बताया था। उसने अपने चार बच्चों के आधार पर यह जमानत लगाई थी। जबकि सीमा हैदर ने पाकिस्तानी पति गुलाम हैदर से तलाक नहीं लिया। इसके बिना ही 12 मार्च 2023 को नेपाल के एक मंदिर में सचिन निवासी गौतमबुद्धनगर उत्तर प्रदेश आंबेडकर नगर के साथ शादी कर ली थी। उन्होंने 12 मार्च 2024 को पहली वर्षगांठ मनाई। जिसमें जेवर थाने में 20 धाराओं में शिकायत दी गई थी। इसके साथ जेवर की जिला कोर्ट अर्जी लगाई थी। इसमें सीमा हैदर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। कोर्ट ने एसएचओ से जवाब मांगा था। उन्होंने एक अप्रैल को गौतमबुद्धनगर की फैमिली कोर्ट में एक केस दायर किया। इसमें सचिन, सीमा हैदर, फेरे करवाने वाले पंडित और वकील के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। गौतमबुद्धनगर के अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार मिश्रा की कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली है। एडवोकेट मोमिन मलिक ने बताया इस मामले में जल्द ही ऑर्डर प्राप्त हो जाएंगे। इनके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
आरोप है कि सीमा हैदर अपने चार बच्चों को साथ लेकर गौतमबुद्धनगर यूपी निवासी सचिन की मदद से नेपाल से होकर भारत पहुंच गई थी। गौतमबुद्धनगर जिला के रबुपुरा थाना पुलिस ने उनको हरियाणा के बल्लभगढ़ के सेक्टर-59 से तीन जुलाई 2023 को गिरफ्तार कर लिया था। इनसे चार बच्चों को बरामद कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। कोर्ट ने इनको सशर्त जमानत दी थी।